10 [email protected] मीना कुमारी: पैदा होते ही अनाथालय में छो़ड़ दिया था पिता ने

मीना कुमारी की जिंदगी बहुत उतार-चढ़ाव भरी रही। आज हम बताने जा रहे हैं आपको मीना कुमारी की जिंदगी से जुड़ी 10 सबसे महत्तवपूर्ण बातें।


भोपाल। बॉलीवुड की ट्रेजरी क्वीन के रूप में पहचाने जाने वाली मीना कुमारी को दुनिया से गए आज 44 साल हो गए हैं। मीना कुमारी की मौत 31 मार्च 1972 में एक बीमारी के चलते हुई थी। मीना कुमारी की जिंदगी बहुत उतार-चढ़ाव भरी रही। आज हम बताने जा रहे हैं आपको मीना कुमारी की जिंदगी से जुड़ी 10 सबसे महत्तवपूर्ण बातें।

1. उनका असली नाम 'माहजबीं' था। मीना कुमारी का जन्म 1 अगस्त 1932 को हुआ था। जानकारों की मानें तो मीना कुमारी के जन्म के समय उनके पिता चाहते थे कि बेटा पैदा हो, लेकिन क्योंकि ऐसा नहीं हुआ इसलिए उनके पिता ने उनके जन्म के बाद ही उन्हें अनाथालय में छोड़ दिया। कुछ समय बाद मीना कुमारी की माता का दर्द देखकर वह मीना को घर वापल लाने के लिए मजबूर हो गए।

2. मीना कुमारी ने चार साल की उम्र से ही एक्टिंग करना शुरू कर दिया था। उस छोटी से उम्र में मीना एक्टिंग नहीं करना चाहती थीं। वह हमेशा शूटिंग के लिए जाते वक्त रोती थी और अपने अम्मी-अब्बू से उन्हें पढ़ने देने की गुज़ारिश किया करती थीं।

3. 'बच्चों का खेल' में मीना ने बतौर एक्ट्रेस काम किया था। यही वो फिल्म थी जिससे उन्हें माहजबीं ले मीना कुमारी बना दिया।

4. मीना बहुत अच्छी शायर थीं। खुद गुलज़ार भी उनकी शायरी सुनना पसंद करते थे।

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5. एक फिल्म की शूटिंग के दौरान ही मीना को फिल्म के डायरेक्टर कमाल अमरोही से प्यार हो गया। कमाल मीना से 15 साल बड़े थे और पहले से शादी-शुदा थे। साल 1952 में मीना और कमाल ने शादी कर ली। इस शादी के एकमात्र गवाह थे जीनत अमान के अब्बा अमान साहब।

6. शादी के कुछ साल बाद साल 1964 में मीना और कमाल के बीच दूरियां आने लगीं जिसके कारण दोनों अलग रहने लगे। माना जाता है कि इन दूरियों की वजह थी धर्मेंद्र और मीना के बारे में छपने वाली गरमा-गरम खबरें। इस दूरी के सदमे ने मीना पर इतना बुरा असर डाला कि उन्होंने शराब पीनी शुरू कर दी जो आखिर में बिमारी का रूप लेकर उनकी मौत की वजह बनी।

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7. जिस फिल्म 'पाकीज़ा' ने मीना को सबसे ज्यादा ऊंचाई दिलाई वह कमाल अमरोही की थी। क्योंकि दोनों अलग हो गए थे इसलिए इस फिल्म की शूटिंग रोक दी गई। आखिर में नरगिस और सुनील दत्त ने मीना और कमाल की इस फिल्म की शूटिंग के लिए मना ही लिया। उन दिनों मीना की तबीयत खराब चल रही थी लेकिन फिर भी मीना ने इस फिल्म को पूरा किया।

8. भोपाल के शायर कैफ भोपाली के शब्दों का कमाल था कि मीना कुमारी को आज भी याद किया जाता है। 'पाकीज़ा' फिल्म का उनका लिखा गीत 'चलते-चलते यूं ही कोई मिल गया था' ही था जिसने मीना कुमारी को एक अलग पहचान दिलाई। 

9. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि फिल्म 'पाकीज़ा' को शूटिंग शुरू होने से लेकर रिलीज़ होने तक करीबन 16 साल लग गए। यह फिल्म हिट भी हुई लेकिन इस सफलता को देखने के लिए मीना कुमारी इस दुनिया में नहीं थी। फिल्म के रिलीज (4 फरवरी 1972) के दो महीने बाद ही मीना कुमारी ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया।

10. ये बहुत ही कम लोगों को पता है कि मीना कुमारी की बाएं हाथ की छोटी उंगली कट गई थी। लेकिन इस बात को कोई जान नहीं पाया। मीना बड़ी ही खूबसूरती से इसे छुपा लेती थीं।
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Alka Jaiswal
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