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Good work- भोपाल पुलिस की सक्रियता ने मानसिक रूप से कमजोर 10 वर्षीय बालिका को वापस मां से मिलवाया

- नाबालिग की तलाश में चार थानों की पुलिस टीमें लगी

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भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली अधिकतर जहां सवाल के घेरे में रहती है, वहीं भोपाल पुलिस की ओर से अब एक ऐसा कार्य किया गया है। जिसने हर किसी का दिल जीत लिया है। एक ओर जहां मुरैना में हुए हत्या कांड का एक वीडियो जिसमें पीडितों द्वारा पुलिस से बचाव की गुहार लगाने पर पुलिस की ओर से कहा जा रहा है कि जितने मरते हैं उनको मरने दो जैसे शब्द वायरल वीडियो में सुनने को मिल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर भोपाल पुलिस ने एक मानसिक रूप से कमजोर 10 वर्षीय बालिका को तुरंत कार्यवाई करते हुए उसे उसकी मां से पुन: मिलवा दिया गया है।

जानकारी के अनुसार राजधानी भोपाल के बजरिया इलाके से लापता हुई मानसिक रूप से कमजोर दस वर्षीय बालिका की शिकायत पर पुलिस पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए नाबालिग की तलाश में चार थानों की पुलिस टीमें लगी थी। इस दौरान जहां पुलिस की ओर से 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेजों को खंगाला गया, वहीं पुलिस की ये मेहनत रंग लाई और उनके द्वारा इस बालिका को ढूढं निकाला गया। पुलिस की इस तत्परता से खुश होकर पुलिस कमिश्नर ने नाबालिग की तलाश में लगी पुलिस टीम को 30 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।

बजरिया थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार तीन मई को बच्ची की 35 वर्षीय मां ने थाने पहुंचकर शिकायत की थी कि उसकी दस वर्षीय बच्ची जो मानसिक रूप से कमजोर है। वह अचानक लापता हो गई है।

महिला ने पांच घंटे अपनी बेटी को तलाश करने के बाद थाने सूचना देने पहुंची थी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई।

जिसके पश्चात पुलिस के आला अधिकारियों ने ऐशबाग, अशोकागार्डन, बजरिया और जहांगीराबाद थाने की पुलिस टीमों को बालिका की तलाश में लगा दिया। जिसके तहत बच्ची की तलाश में रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य स्थानों पर तलाश करने के साथ ही पुलिस द्वारा उसके सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले गए। जिसके बाद बच्ची के गांधीनगर इलाके में होने की जानकारी मिली। जिस पर बच्ची को सकुशल बरामद कर पुलिस द्वारा स्वजनों के सुपुर्द कर दिया गया।