भोपाल

हर साल 12 सौ को हो रहा जानलेवा ब्रेन ट्यूमर, जाना पड़ रहा मुंबई- चंडीगढ़

तेजी से बढ़े ब्रेन ट्यूमर के मरीज, इनमें 55 फीसद कैंसर वाले ट्यूमर, आबोहवा, खान-पान और जीवन शैली में बदलाव बड़ी वजह, चिकित्सकों ने कहा-रेडिएशन से बचें

2 min read
Jun 08, 2023
ब्रेन ट्यूमर

भोपाल. एमपी में जानलेवा ब्रेन ट्यूमर के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। राजधानी भोपाल में ही हर साल 12 सौ लोगों को यह जानलेवा रोग हो रहा है। बिगड़ती आबो-हवा, तनावपूर्ण जीवन शैली और पाश्चात्य खान-पान की वजह से ब्रेन ट्यूमर बढ़ रहा है। केमिकल्स और रेडिएशन भी ब्रेन ट्यूमर के रिस्क को बढ़ा रहे हैं। बुरी बात तो यह है कि ब्रेन ट्यूमर के इलाज के लिए मरीजों को मुंबई- चंडीगढ़ जाना पड़ रहा है।

अकेले भोपाल के अस्पतालों में ही हर साल 12 सौ से ज्यादा ब्रेन ट्यूमर के मरीज आते हैं। एम्स और हमीदिया के आंकड़े बताते हैं इनमें से 45 फीसदी नॉन-कैंसरस और 55 फीसदी कैंसर वाले ट्यूमर होते हैं। चिंतनीय बात यह है कि इनमें से अधिकांश मरीजों को अंतत: इलाज के लिए मुंबई या चंडीगढ़ जाना पड़ता है।

करीब 10 साल पुरानी तकनीक से हो रहा इलाज
हमीदिया अस्पताल में ब्रेन ट्यूमर की बेहतर सर्जरी के लिए लगभग दो करोड़ रुपए की सर्जिकल माइक्रोस्क्रोप तकनीक पिछले साल शुरू हुई है। हालांकि यह तकनीक करीब 10 साल पुरानी है। लेकिन ब्रेन ट्यूमर के लिए यहां अब तक एंडोस्कोपिक सर्जरी की सुविधा नहीं है।

फरवरी तक शुरू गामा तकनीक
ब्रेन ट्यूमर के लिए एम्स में गामा नाइफ तकनीक से मरीजों के इलाज की सुविधा फरवरी तक शुरू होगी। रेडिएशन फ्री बंकर बनाने की जिम्मेदारी केंद्रीय सरकार की एजेंसी एचएलएल इंफ्राटेक सर्विसेस लिमिटेड को सौंपी गई है। इससे ब्रेन ट्यूमर के मरीज को फिर कहीं और जाने की जरूरत नहीं होगी।

अत्यधिक सिरदर्द देता है तकलीफ
ब्रेन ट्यूमर इंसानों के जीवन में सबसे ज्यादा तकलीफ देने वाली बीमारी है। आमतौर पर इसमें अत्यधिक सिरदर्द होता है, व्यक्तित्व में परिवर्तन होता है और संतुलन बनाने में समस्या आती है।

युवाओं में भी बढ़े ब्रेन ट्यूमर के केस
जीएमसी के न्यूरो सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. आइडी चौरसिया के अनुसार ब्रेन ट्यूमर दिमाग की असामान्य कोशिकाओं का एक संग्रह होता है। जो ज्यादातर बुजुर्गों में देखने को मिलता है हालांकि पिछले 5 सालों में कम आयु के लोगों में भी ब्रेन ट्यूमर के केस बढ़े हैं।

कमजोर इम्यूनिटी बढ़ा रही समस्या
एम्स के न्यूरोसर्जन डॉ. आदेश श्रीवास्तव के अनुसार अनुवांशिक कमियां सभी में होती हैं मगर बदलती जीवनशैली से इम्यूनिटी कमजोर हुई है। ऐसे में यह कमियां जब बढ़ती हैं तो ब्रेन ट्यूमर जैसे रोग पनपने लगते हैं। साथ ही आज भी लोग ग्रामीण क्षेत्रों में कई तरह की भ्रांतियों का शिकार हैं।

इन लक्षणों पर गौर करें
— लगातार सिरदर्द
— मतली या उल्टी
— कमजोर आंखों की रोशनी
— हाथ या पैर में सनसनी या थकावट
— संतुलन बनाने व बोलने में कठिनाई
— हादसे का शिकार हुए मरीजों में

Published on:
08 Jun 2023 11:28 am
Also Read
View All

अगली खबर