
85 फीसदी छात्रों ने दी नीट परीक्षा, सेंटर इतनी दूर बने की ऑटो वालों ने वसूले मनमाने दाम, तीन घंटे पहले बुलाया सेंटरों पर
भोपाल. नीट परीक्षा के लिए बनाए गए 26 परीक्षा केंद्रों पर करीब 10 हजार छात्रों के परीक्षा देने का अनुमान था, लेकिन इसमें से 85 फीसदी, 8500 छात्रों ने ही परीक्षा दी। बड़ी संख्या में छात्र बाहर के जिलों से परीक्षा देने पहुंचे। कोरोना के चलते काफी छात्रों ने ये परीक्षा नहीं दी। परीक्षा सेंटरों पर छात्रों को तीन घंटे पहले बुलाया गया। बाहर से आए लोगों को प्रॉपर गाइडेंस न मिल पाने से कई अविभावकों को परेशान होना पड़ा। व्यवस्था के अनुरूप बाहर से आने वाले और लोकली छात्रों के लिए दस स्पॉटों पर बसें उपलब्ध कराने का दावा किया गया, मगर बस स्टैंड या रेलवे स्टेशनों पर मार्ग दर्शन के अभाव में काफी अभिभावक दिन भर भटकते रहे।
नोट- फोटो है-ग्रुप में डला है-
- बीना से आए, ऑटो वाले ने मांगे 300
रजनी अहिरवार को उसके पिता बीना से परीक्षा दिलाने भोपाल आए थे। इनका कहना है कि एक घंटे से जिंसी पर खड़े रहे, लेकिन बस नहीं आई। ऑटो वाले से बात की तो उसने अयोध्या बायपास तक जाने की 300 रुपए मांगे। मजबूरी में उनको देने पड़े।
- पैर में बंधा प्लास्टर, परीक्षा देने बाइक से आया
सिरोंज निवासी अशफाक खान के पैर में एक्सीडेंट के बाद फ्रैक्चर हो गया है। इसके बाद भी वो मोटरसाइकिल से परीक्षा देने केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 1 के सेंटर पर पहुंच गया। अशफाक ने बताया कि वो रास्ते में कई जगह रुका ताकि ज्यादा परेशानी न हो।
- प्रशासन ने नहीं की व्यवस्था
आकांशा विश्वकर्मा सतना से पिता के साथ परीक्षा देने भोपाल आई। स्टेशन पर उतरने के बाद वे प्लेटफॉर्म नंबर छह की तरफ चले गए। उधर बस तो खड़ी थी, लेकिन कोई बताने वाला नहीं था। इस कारण इनको काफी देर बाहर फुटपाथ पर ही बैठे रहना पड़ा।
- परीक्षा का जिम्मेदार कौन
हर बार की तरह इस बार भी छात्रों के परिवहन की व्यवस्था का जिला शिक्षा अधिकारी ने हाथ खड़े कर लिए। संभागायुक्त कार्यालय में पदस्थ राजस्व उपायुक्त संजू कुमारी ने बताया कि परीक्षा प्रशासन नहीं करा रहा। सीबीएसई सीधे कराती है। सीबीएसई में भी कोई जवाब देने को तैयार नहीं है।
Published on:
13 Sept 2020 11:13 pm
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