Bhopal News- देशभर की तरह मध्यप्रदेश में भी शनिवार को ईदुल अजहा यानि बकरीद मनाई गई। इस मौके पर खूब कुर्बानी दी गई।
Bhopal News- देशभर की तरह मध्यप्रदेश में भी शनिवार को ईदुल अजहा यानि बकरीद मनाई गई। इस मौके पर खूब कुर्बानी दी गई। राजधानी भोपाल में ही बकरीद का 200 टन अवशेष मिला है। नगर निगम ने इस अवशेष से मुर्गी और बिल्लियों के लिए दाना तैयार करने का प्लान बनाया है। इसके लिए अवशेष को आदमपुर छावनी के रेंडरिंग प्लांट भेज दिया गया है। प्लांट में जानवरों के शव, मांस, खाल, चर्बी, हड्डी का प्रोसेस कर मुर्गी और बिल्लियों आदि के भोजन के लिए दाने तैयार किए जाते हैं। इधर बकरीद के अवशेष को एकत्रित करने नगर निगम ने रविवार को भी 100 से ज्यादा जगहों पर कंटेनर रखवाए। बायो वेस्ट एकत्रित करने कई टीमें तैनात की गई हैं और इसे खुले में फेंकने पर 15 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया जा रहा है।
बकरीद पर इस बार नगर निगम ने कई जगहों पर अतिरिक्त कंटेनर रखवाए। स्लाटर वेस्ट एकत्रित करने के लिए लगातार तीन दिनों तक के लिए ये कंटेनर रखे गए हैं।
नगर निगम की टीम अभी तक कुर्बानी के 200 टन अवशेष एकत्रित कर चुकी है। इसे जिंसी के स्लाटर हाउस और अस्थायी स्टोरेज पाइंट पर भेजा गया और वहां से आदमपुर छावनी के रेंडरिंग प्लांट भेज दिया गया। प्लांट में इस वेस्ट से मुर्गी-बिल्लियों के लिए दाने बनाए जाएंगे। यहां अवशेषों का प्रोसेस कर उच्च तापमान पर पकाकर जानवरों के लिए दाने तैयार किए जाते हैं।
नगर निगम बायो वेस्ट फेंकने पर जुर्माना लगा रहा है। जोन-18 में खुले में बायो मेडिकल वेस्ट पाया गया। इसके लिए डॉ. ऋषभ गुप्ता पर 15 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। महापौर मालती राय के मुताबिक अब स्लाटर वेस्ट को जमीन में गाड़ा नहीं जाता है। रेंडरिंग प्लांट में स्लाटर वेस्ट का दाने बनाने में उपयोग किया जाता है।