
trees cutting in bhopal for metro blue line construction (फोटो- Freepik)
Bhopal Metro Blue Line:भोपाल मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट की ब्लू लाइन के लिए गुरुवार को रायसेन रोड आइटीआइ के सामने बड़ी संख्या में पेड़ काट दिए गए। इसकी अनुमति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। पेड़ कटाई को मंजूरी देने गठित उच्चस्तरीय समिति ने सेंट्रल वर्ज में मेट्रों को भदभदा से रत्नागिरी तिराहा तक 67 पेड़ कटाई को मंजूर किया है, लेकिन यहां रोड किनारे ही पेड़ काट दिए गए। इसी तरह 11 मील से बंगरसिया की ओर पीडब्ल्यूडी (PWD) की सात किमी लंबी रोड के लिए भी कोर्ट के निर्देश के बावजूद लगभग सभी पेड़ काट दिए गए है। अब ठूंठ बचे है।
इस समय शहर के सभी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई (Trees Cutting) की जा रही है। अयोध्या बायपास पर ही करीब आठ हजार पेड़ कटाई पर एनजीटी ने स्टे दिया है। करीब ढाई हजार पेड़ कटने के बाद मिले स्टे में आठ जनवरी को सुनवाई होगी। हालांकि यहां पेड़ कटाई न हो, इसके लिए निगम की ओर से कोई निगरानी व्यवस्था तय नहीं की है। (mp news)
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (MP High Court) ने राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देश दिया कि वह प्रतिपूरक वृक्षारोपण को लेकर एक बेहतर और स्पष्ट हलफनामा दाखिल करे, जिसमें यह साफ-साफ बताया जाए कि काटे गए पेड़ों के बदले किस प्रकार के पेड़ लगाए जाएंगे, उनकी उम्र, मोटाई, संख्या और सटीक स्थान क्या होगा। किसी भी प्रकार की पेड़ों की कटाई या छंटाई केवल उसी स्थिति में की जा सकती है, जब उसके लिए राष्ट्रीय हरित अधिकरण उसके द्वारा गठित समिति और संबंधित ट्री ऑफिसर से पूर्व अनुमति प्राप्त हो।
लोक निर्माण विभाग ने बिना आवश्यक अनुमति के 11 मील से बंगरसिया रोड पर 488 पेड़ काट दिए। नीलबड़ क्षेत्र में भी स्टेडियम निर्माण और सड़क चौड़ीकरण के लिए पेड़ काटने के मामले में एनजीटी की केंद्रीय पीठ ने सरकार को एक समिति गठित करने का निर्देश दिया था। अदालत ने सरकार द्वारा बार-बार ट्रांसप्लांटेशन शब्द के प्रयोग पर भी कड़ी आपत्ति जताई थी। (mp news)
Updated on:
02 Jan 2026 07:03 am
Published on:
02 Jan 2026 07:03 am
