
इस बार पूरे 30 दिन का होगा श्रावण मास, ऐसे पाएं भगवान शिव की विशेष कृपा
भोपाल। हिन्दी पंचांग के अनुसार भारत में हर महीने का एक अलग महत्व है। लेकिन श्रावण(सावन) यानी सावन के महीने को भगवान शंकर से जोड़कर देखा जाता है। इसलिए इसका महत्व बढ़ जाता है। ये दिन भगवान शिव की अराधना के लिए सबसे खास माने जाते हैं।
ऐसी मान्यता है कि इस महीने में भगवान शंकर की पूजा अर्चना करने से या हर सोमवार नियमपूर्वक शिवलिंग पर जल अर्पित करने से हर मनोकामना पूरी होती है।
इस साल जहां अधिकमास के चलते एक महीने तक विवाह आदि मुहूर्तों पर विराम लगा रहा, वहीं अब लोगों को सावन माह के लिए भी और अधिक इंतजार करना होगा। इस बार सावन का महीना 28 जुलाई से शुरू हो रहा है, वहीं यह 26 अगस्त को रक्षाबंधन पर्व के साथ ही संपन्न होगा। जिसके चलते इस वर्ष सावन पूरे 30 दिन का रहेगा।
आपको याद होगा कि पिछले साल सावन 10 जुलाई से शुरू हुआ था, जिसका समापन 7 अगस्त को हुआ। यानि कुल मिला कर 2017 में सावन महीना केवल 29 दिन का ही रहा था।
सावन के संबंध में ये भी माना जाता है कि यदि किसी काम को पूरा करने की आप लंबे समय से प्रयासरत हैं और फिर भी उसमें इसमें लगातार अड़चने आ रही हैं तो सावन के महीने में शिव की अराधना से वह कार्य पूर्णता को प्राप्त होता है, यानि आपका वह कार्य हो जाता है।
इसके अलावा भी प्रकृति के लिहाज से भी श्रावन मास का खास महत्व माना जाता है। इस दौरान प्रकृति हरी-भरी रहती है और यह माना जाता है कि इस महीने जो जातक खुद को प्रकृति के करीब महसूस करता है, उसे प्रकृति की देवी से भी आर्शीवाद प्राप्त होता है।
इस बार 30 दिन का सावन...
इस बार सावन का महीना 28 जुलाई से शुरू हो रहा है। हालांकि यह श्रावण मास की तिथि 27 जुलाई को ही लग जाएगी। लेकिन इसे उदया तिथि से ही शुरू माना जाएगा। इसलिए इसकी शुरुआत 28 जुलाई से ही मानी जाएगी। सावन में इस बार चार सोमवार होंगे। पहला सावन का सोमवार 30 जुलाई 2018 को पड़ेगा।
पंडित सुनील शर्मा के अनुसार मान्यता के अनुसार सावन में भगवान शिव को कुछ खास चीजें चढ़ाई जाती है, जिनसे वे जल्द प्रसन्न हो जाते हैं। यहां हम आपको ऐसी ही 8 चीजों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें सावन के सोमवार के दिन यदि आप घर लाते हैं या स्थापित करते हैं तो निश्चित रूप से शिव की कृपा मिलती है और हर काम का दो गुना फल प्राप्त होता है।
सावन के सोमवार को खरीदें इनमें से कोई भी एक चीज, होगा भाग्य का उदय...
1. भस्म: पहले सोमवार को या किसी भी सावन के सोमवार को शिव मूर्ति के साथ यदि भस्म रखते हैं तो शिव कृपा मिलेगी।
2. रुद्राक्ष: ऐसी मान्यता है कि रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव के आंसुओं से हुई थी। इसलिए मान्यता है कि यदि आप इसे सावन के सोमवार को घर में लाते हैं और घर के मुखिया के कमरे में रखते हैं तो भगवान शिव ना केवल रुके हुए काम को पूरा करते हैं, बल्कि इससे आर्थिक लाभ भी होता है। इससे प्रतिष्ठा में भी वृद्धि होती है।
3. गंगा जल: भगवान शंकर ने गंगा मां को अपनी जटा में स्थान दिया था। इसलिए यदि आप सावन के सोमवार को गंगाजल लाकर घर की किचन में रखते हैं तो घर में सम्पन्नता बढ़ेगी और तरक्की व सफलता मिलती है।
4. चांदी या तांबे का त्रिशूूल: घर के हॉल में चांदी या तांबे का त्रिशूूल स्थापित करके आप घर की सारी नेेगेटिव एनर्जी खत्म कर सकते हैं। इस बार सावन में इसे जरूर लाएं।
5. चांदी या तांबे का नाग: नाग को भगवान शिव का अभिन्न अंग माना जाता है। घर के मेन गेट के नीचे नाग-नागिन के जोड़े को दबाने से रुके हुए काम पूरे होते हैं।
6. डमरू: घर में डमरू रखने से नेगेटिव एनर्जी का असर नहीं होता। खासतौर से यदि आप इसे बच्चों के कमरे में रखें तो ज्यादा अच्छा होगा। बच्चे किसी भी नकारात्मक ऊर्जा से बचे रहेंगे और उन्हें हर काम में सफलता भी प्राप्त होती है।
7. जल से भरा तांबे का लोटा: घर के जिस हिस्से में परिवार सबसे ज्यादा रहता है, वहां एक तांबे के लोटे में जल भरकर रख दें। इससे घर के लोगों के बीच प्रेम और विश्वास बना रहेगा। ध्यान रखें कि समय-समय पर उस पानी को बदलते रहें। उस पानी को ऐसे ही जाया ना करें, उसे किसी पेड़ या पौधे में डाल दें।
8. चांदी के नंदी: जिस प्रकार घर में चांदी की गाय रखने का महत्व है उसी प्रकार चांदी के नंदी घर में रखने का भी खास महत्व है। अपनी तिजारी या अलमारी में जहां आप पैसे या गहने रखते हैं, वहां चांदी के नंदी रखें। इससे आपको धन लाभ होगा और आपकी आर्थिक सम्पन्नता बढ़ेगी।
30 दिन का सावन...
पं. शर्मा के मुताबिक इस बार का सावन महीना कुछ ज्यादा ही महत्वपूर्ण है, क्योंकि ज्येष्ठ अधिकमास के बाद सावन पूरे 30 दिन का रहने वाला है, यह संयोग पूरे 19 साल बाद पड़ रहा है। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि कुछ पंचांगों की तिथि गणना के मुताबिक इस बार सावन माह में दूज दो दिन रहेगी।
कृष्ण पक्ष में दूज 29 और 30 जुलाई दोनों ही दिन रहेगी। ऐसे में रक्षाबंधन के बाद 29 व 30 जुलाई को भाई दूज मनाई जाएगी। वहीं, एकादशी तिथि का क्षय होने से एकादशी व्रत 7 अगस्त को रहेगा, लेकिन वैष्णव संप्रदाय के लोग 8 जुलाई को द्वादशी मनाएंगे।
जानिये कब क्या खास...
30 जुलाई को सावन का पहला सोमवार: 28 जुलाई से शुरू हो रहे पवित्र सावन माह का पहला सोमवार 30 जुलाई को आएगा। इसके बाद 6 अगस्त, 13 अगस्त और फिर आखिरी सोमवार 20 अगस्त को रहेगा। ऐसे में सावन के इन चार सोमवार को महिलाओं द्वारा भगवान शिव की आराधना की जाएगी। मान्यता है कि सावन के सोमवार में व्रत रखने व शिवलिंग पर जल चढ़ाने से घर में सुख-समृद्धी आती है।
11 अगस्त हरियाली अमास्या व 15 को नागपंचमी: 11 अगस्त को हरियाली अमावस्या मनाई जाएगी, जिसे सावन महीने का पहला बड़ा त्यौहार माना जाता है। पं. शर्मा के मुताबिक कई साल बाद यह संयोग बन रहा है कि हरियाली अमावस्या शनिवार के दिन पड़ रही है। हरियाली अमावस्या के बाद हरियाली तीज का व्रत 13 जुलाई को रहेगा। 15 अगस्त को देशभर में स्वतंत्रता दिवस के साथ इस बार नागपंचमी का पर्व भी मनाया जाएगा, जबकि 26 अगस्त को रक्षाबंधन मनाया जाएगा।
Published on:
29 Jun 2018 06:07 pm
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