24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गणेश मंदिर ओवरब्रिज के लिए स्टील गर्डर के 22 भाग लगेंगे, अभी आठ पहुंचे

रानी कमलापति मेट्रो स्टेशन से एम्स तक का हिस्सा पूरा करने का काम तेज

2 min read
Google source verification
गणेश मंदिर ओवरब्रिज के लिए स्टील गर्डर के 22 भाग लगेंगे, अभी आठ पहुंचे

गणेश मंदिर ओवरब्रिज के लिए स्टील गर्डर के 22 भाग लगेंगे, अभी आठ पहुंचे

भोपाल. मेट्रो का काम अब रानी कमलापति से पटरी पार कर एम्स की तरफ तेज हो गया है। इसके तहत सबसे महत्वपूर्ण गणेश मंदिर मेट्रो रेलवे ओवरब्रिज का काम सबसे पहले पूरा किया जाएगा। इसके लिए अलवर में तैयार हो रहे स्टील के 60 मीटर लंबे गर्डर को 22 भाग में भोपाल पहुंचाने का सिलसिला शुरू हो चुका है। अब तक आठ भाग आ चुके हैं। दिसंबर मध्य तक बचे हुए भाग भी भोपाल पहुंच जाएंगे। यहीं इसे जोड$कर आरओबी तैयार किया जाएगा। जून 2024 में एम्स से सुभाष ब्रिज तक के 6.22 किमी लंबाई में कमर्शियल रन यानि यात्रियों के साथ मेट्रो को शुरू करने का लक्ष्य है।
500 करोड़ के प्रोजेक्ट का हिस्सा है ब्रिज
गणेश मंदिर रेलवे ओवरब्रिज मेट्रो के शुरुआती प्रोजेक्ट पिलर्स व स्लैब का ही हिस्सा है। ये पहला टेंडर 500 करोड़ रुपए का हुआ था। इसके तहत 6.22 किमी लंबाई में पीलर्स व स्लैब का काम लगभग हो चुका है। एम्स के पास अल्कापुरी तक ये काम हुआ। इसमें रेलवे लाइन पार करने ओवरब्रिज प्रस्तावित था, जिसके लिए 60 मीटर का स्टील गर्डर तैयार करवाया गया।
230 करोड़ का स्मार्ट कार्ड सिस्टम

मेट्रो ट्रेन में क्यूआर कोड समेत अन्य तरीकों से भुगतान सिस्टम होंगे। सिस्टम पर 230 करोड का बजट तय है। इसमें स्मार्ट कार्ड सिस्टम भी होगा।
भोपाल की तुलना में इंदौर में रफ्तार तेज
मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट में खर्च के मामले में इंदौर, भोपाल से 500 करोड़ रुपए आगे है। केंद्रीय रिपोर्ट के अनुसार भोपाल और इंदौर में मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट नवंबर 2018 को मंजूर हुआ। तब से अब तक भोपाल ने 1581 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। प्रोजेक्ट की लागत 6941.40 करोड़ रुपए है। इंदौर में 2098.35 करोड़ रुपए खर्च हुए। इनके प्रोजेक्ट की लागत 7500.80 करोड़ रुपए है। भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट पांच साल में भी तैयार नहीं हो पाया। अब भी आमजन को मेट्रो में सवारी करने छह माह का समय दिया गया है।
पांच स्टेशन हो गए तैयार
मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट के तहत रानी कमलापति से सुभाष ब्रिज तक पांच स्टेशन तैयार किए जा चुके हैं, अब एम्स तक तीन और स्टेशन बनेंगे। दो किमी के इस ट्रैक पर अभी स्टेशन का काम शुरू करना है। आगामी छह माह में इन्हें तैयार कर शुरू करने का लक्ष्य है।

मेट्रो का कमर्शियल रन जून 2024 तक शुरू करेंगे। इसके लिए हमारी टीम तेजी से काम कर रही है। अभी आरओबी व स्टेशन पर फोकस है।
- मनीष सिंह, एमडी, मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट