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नगरपालिका की 9 बैठकों में 263 कार्य हुए स्वीकृत हुए, शुरू महज 30

नगरपालिका परिषद को गठित एक साल पूरा हो चुका हैं और इस एक साल में नगरपालिका में पीआईसी की 5 और परिषद की 4 बैठकें तक हो चुकी हैं।

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नपा सीएमओ ने ली कर्मचारियों की बैठक

NAPA CMO took the meeting of employees

बैतूल। नगरपालिका परिषद को गठित एक साल पूरा हो चुका हैं और इस एक साल में नगरपालिका में पीआईसी की 5 और परिषद की 4 बैठकें तक हो चुकी हैं। इन सभी बैठकों में थोक में निर्माण कार्यो के प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास कर दिए गए, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि परिषद और पीआईसी में पास किए गए यह निर्माण कार्य जमीनी स्तर पर नजर ही नहीं आते हैं। नगरपालिका साल भर में गिनती के काम ही कर पाई है। जबकि 36 करोड़ रुपए से अधिक के प्रस्ताव साल भर में ले लिए गए। निर्माण कार्यो की इस स्थिति के चलते रविवार को छुट्टी के दिन सीएमओ ओमपाल सिंह भदौरिया ने नगरपालिका पहुंचकर समस्त इंजीनियरों, शाखा प्रभारियों की बैठक ली। करीब दो घंटे चली इस महत्वपूर्ण बैठक में सीएमओ ने सभी शाखाओं के कामकाज की समीक्षा की। पेंडिंग पड़े प्रकरणों का ठेकेदार काम शुरू नहीं करेंगे तो टेंडर होगा निरस्त
टेंडर लेने के बाद भी निर्माण कार्यों की धीमी गति को लेकर सीएमओ ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने इंजीनियरों को दो टूक शब्दों में कहा कि प्रतिदिन निर्माण कार्यों की समीक्षा की जाए। जो काम टेंडर होने के बाद भी शुरू नहीं किए गए हैं उन्हें तत्काल शुरू कराया जाए। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। सीएमओ ने कहा कि यदि बारिश के बाद ठेकेदार समय-सीमा में निर्माण कार्य शुरू नहीं करते हैं तो नगरपालिका टेंडर निरस्त कर दोबारा से टेंडर कॉल करेगी। वहीं लापरवाह ठेकेदारों को ब्लैक लिस्टेड करने की कार्रवाई भी की जाएगी।
इनका कहना
- रविवार छुट्टी का दिन हैं इसलिए आज सभी इंजीनियरों एवं शाखा प्रभारियों की बैठक लेकर उनके कार्यों की समीक्षा की गई है। इंजीनियरों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने वार्डों में टेंडर हो चुके कार्यों को जल्द शुरू कराए। वहीं सभी शाखा प्रभारियों को शासन की योजनाओं का क्रियान्वय शतप्रतिशत किए जाने के लिए निर्देशित किया है। - ओमपाल सिंह भदौरिया, सीएमओ नगरपालिका बैतूल।

जल्द से जल्द निराकरण किए जाने के निर्देश दिए।
एक साल में 263 निर्माण कार्यों को दी स्वीकृति
नगरपालिका ने पिछले एक साल में 36 करोड़ के 263 निर्माण कार्यों को स्वीकृति प्रदान की हैं। इनमें से 71 कार्यों के टेंडर होकर दर स्वीकृति के लिए रखे गए हैं, 28 कार्यों के एग्रीमेंट होना हैं, 52 कार्यों के वर्कआर्डर जारी किए जा चुके हैं, 30 कार्य प्रारंभ होना बताए जाते हैं। 5 कार्य प्रचलित होना बताए जाते हैं। जबकि शेष 77 कार्यों में निविदाएं आमंत्रित की जाने की कार्रवाई की जा रही है। बताया गया कि जिन कार्यों में वर्क आर्डर जारी हो चुके हैं उनमें ठेकेदारों ने अभी तक काम शुरू नहीं किया हैं। जिसके कारण वार्डों में निर्माण कार्य होते नजर नहीं आ रहे है। जबकि नगरपालिका ठेकेदारों को काम शुरू किए जाने के लिए नोटिस भी जारी कर चुकी हैं। ठेकेदार बारिश होने का हवाला देते हुए अक्टूबर माह में काम शुरू करने की बात कह रहे हैं। जिसकी वजह से वार्डों में बारिश के दौरान लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

निर्माण कार्यों की जानकारी तलब कराई
सीएमओ ने पीडब्ल्यूडी शाखा के सहायक ग्रेड 2 सुभाष प्रजापति को तलब कर जानकारी मांगी कि नगरपालिका परिषद ने पिछले एक साल में कितने निर्माण कार्य स्वीकृत किए, कितनों में टेंडर लगाए गए, कितनों में वर्क आर्डर जारी किए गए, कितने काम शुरू हो चुके हैं और कितने काम पेंडिंग पड़े हैं। इन सभी कार्यों की जानकारी सूचीबद्ध करने के लिए कहा गया है।बताया गया कि नगरपालिका में निर्माण कार्यों की पेंडेंसी लगातार बढ़ रही हैं। वार्डों में काम करने की जगह धड़ल्ले से प्रस्ताव लेकर स्वीकृत भर किए जा रहे हैं।
समीक्षा के बाद सीएमओ बोले काम सिस्ट्मेटिक नहीं
नगरपालिका सीएमओ ओमपाल सिंह को पद्भार ग्रहण किए करीब सात दिन हो चुके हैं और इन सात दिनों में उन्होंने नगपालिका के कामकाज का जो अवलोकन किया हैं उसके मुताबिक नगरपालिका काम सिस्ट्मेटिक(व्यवस्थित)नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले नगरपालिका में अंदर से सुधार करना होगा उसके बाद ही हम शहर को व्यवस्थित कर पाएंगे। सीएमओ ने सभी शाखा प्रभारियों को निर्देशित किया कि वे लिखित में जानकारी उपलब्ध कराए। सभी कार्यों का रोजाना फॉलोअप किया जाए। समय-सीमा में कार्य पूर्ण हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने राजस्व वसूली की स्थिति को देखकर भी असंतोष जाहिर करते हुए कहा कि शनिवार और रविवार को नगपालिका वसूली के लिए वार्डों में कैंप लगाए। इनमें कर्मचारियों की ड्यूटी अल्टरनेट रखी जाएगी।