
21 से 28 लाख रुपए के फ्लैट, बाथरूम में टाइल्स टूटी, दीवार भी केवल ४ इंच मोटी
भोपाल. उपयोग शुरू होने से पहले ही हाउसिंग फॉर ऑल प्रोजेक्ट में तैयार किए गए मकानों में टूट-फूट नजर आने से आवंटितों के चहरे पर शिकन छाने लगी है। उन्हें चिंता है कि जब अभी ये हाल है तो रहने पर क्या स्थिति बनेगी। हाउस फॉर ऑल प्रोजेक्ट के तहत एलआईजी- एचआईजी श्रेणी वालों के फ्लैट की गुणवत्ता बेहद घटिया है। 21 से 28 लाख रुपए की कीमत वाले इन फ्लैट के बीच नगर निगम की हाउस फॉर ऑल शाखा की ठेका एजेंसी ने महज 4 इंच मोटी ही दीवार बनाई। यदि दूसरी साइड में कोई बिजली का बोर्ड ही निकाल दे तो पास के फ्लैट के अंदर आसानी से ताक-झांक की जा सकती है। अभी इन फ्लैट का उपयोग शुरू नहीं हुआ है फिर भी किचन से लेकर बाथरूम और फ्लोर की टाइल्स टूट गई है। यहां जो दीवारें बनाई गई हैं, उसमें अभी से दरारें उभरने लगी हैं। आवंटियों के लिए यही सबसे बड़ी चिंता है।
हाउस फॉर ऑल प्रोजेक्ट के इंजीनियरों ने आवंटियों को साथ लेकर उनके फ्लैट्स का मुआयना कराया तो यह स्थिति खुलकर सामने आई। यहां भेदभाव की स्थिति भी हैं। किसी फ्लैट के किचन में पूरी दीवार पर टाइल्स लगाई गई, ग्रिल भी मजबूत तरीके से सेट की गईं, जबकि कुछ में आधी अधूरी टाइल्स लगाई और ग्रिल को भी आधा अधूरा लगाकर छोड़ दिया गया। आवंटियों ने फ्लैट्स में किए गए घटिया काम पर आपत्ति जताई और टूट-फूट पर भी अपनी चिंता जाहिर की।
रजिस्टर में लिखाई आपत्तियां
निगम केइंजीनियरों ने एक रजिस्टर में सभी को अपने-अपने फ्लैट्स में नजर आई दिक्कतें लिखने का कहा। वादा किया कि 7 दिन में इन्हें दुरुस्त कर दिया जाएगा। अब आवंटियों को चिंता है कि दीवारों पर पुट्टी या मसाला भरकर फौरी तौर पर तो दरारें छुपा देंगे, कुछ समय के बाद यह फिर उभर आएंगी।
रिवेरा के पास, 12 नम्बर प्रोजेक्ट सबसे महंगे
केंद्र सरकार की हाउस फॉर ऑल प्रोजेक्ट के तहत नगर निगम शहर में ईडब्ल्यूएस के साथ एमआईजी, एलआईजी, एचआईजी आवासों का निर्माण कर रहा है। सबसे महंगा आवास माता मंदिर के सामने रिवेरा के पास राहुल नगर और 12 नम्बर का ही प्रोजेक्ट है। यह फ्लैट 21 से 28 लाख तक की कीमत के हैं।
फरवरी में मिलेगा पजेशन
अब फरवरी तक इनका आधीपत्य आवंटियों को देने का वादा किया जा रहा है। तय समय से यह काफी लेट हो रहा है। आमतौर पर आवासी बहुमंजिला इमारतों में हर फ्लैट के लिहाज से पार्किंग स्थल आरक्षित किया जाता है, लेकिन हाउस फॉर ऑल प्रोजेक्ट में ऐसा नहीं किया गया। यहां गाडि़यां पार्क करने में भी परेशानी होगी।
सभी मकानों में जो जो भी सुधार कार्य की जरूरत है उसे कराया जाएगा। आवंटियों ने जो सुझाव- सुधार की मांग की उसे करने के बाद ही पजेशन दिया जाएगा।
केवीएस चौधरी, निगमायुक्त
Published on:
12 Jan 2022 01:02 am
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