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कोरोना से इम्युनिटी घटने से फेफड़ों के रोगियों में 30 फीसदी इजाफा, जानिए इसके लक्षण

ठंड के कारण बढ़े मरीज, जेपी अस्पताल और रीजनल रेस्पिरेटरी इंस्टीट्यट में मरीजों की संख्या बढ़ी, सावधानी ही बचाव

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ठंड के कारण बढ़े मरीज

भोपाल. कोरोना के चलते लोगों के फेफड़ों की इम्युनिटी कम हुई है। ठंड और प्रदूषण की वजह से ऐसे लोगों की परेशानी और बढ़ गयी है। इन दिनों सीओपीडी यानी क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज, एलर्जी, अस्थमा व खांसी के मरीज 30 फीसदी बढ़ गए हैं। जेपी अस्पताल व रीजनल रेस्पिरेटरी इंस्टीट्यट में 15 दिन पहले तक सांस से जुड़ी बीमारियों के हर रोज 300 मरीज आते थे। अब इनकी संख्या 450 तक पहुंच गई है। कोलार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी मरीजों की संख्या 10 फीसदी तक बढ़ी है।

फेफड़ों पर पड़ा बुरा असर
कोरोना ने सबसे ज्यादा फेफड़ों पर असर डाला है। कोविड से ठीक हुए मरीजों के फेफड़ों में घाव पाए गए हैं। ठीक होने के बाद भी फेफड़े अपनी पुरानी क्षमता को तक नहीं पहुंच पाए हैं। फेफड़ों के सिकुडऩे की क्षमता कम हुई है। मौसम बदलने व वायु प्रदूषण होने पर फेफड़ों में जल्दी संक्रमण हो जाते हैं।

खराब हवा तो फेफड़ों में सूजन
शहर में दिवाली के बाद से लगातार एयर क्वालिटी इंडेक्स 300 के पार जा रहा है। पल्मोनरी विशेषज्ञों का कहना है कि जब पीएम 2.5 व पीएम 10 का स्तर बढ़ता है तो समस्याएं शुरू हो जाती हैं। सोओपीडी की वजह से सांस लेने में परेशानी होती है। सांस की नली में सूजन आ जाती है या यह सिकुडऩे लगती है। फिलहाल, सीओपीडी के लिए अभी कोई टेस्ट या जांच उपलब्ध नहीं है। इसका पता सिर्फ लक्षणों के आधार पर लगाया जाता है।

लंबे समय वाली खांसी कैंसर का कारण
फेफड़ों के कैंसर के कारणों में से एक लंबे समय तक होने वाली खांसी है। ऐसे में खांसते समय खून भी आ सकता है। स्मोकिंग व पैसिव स्मोकिंग के साथ तेजी से बढ़ते वायु प्रदूषण की वजह से भी लंग कैंसर के मामले देखने को मिल रहे हैं।

न्यूनतम और अधिकतम तापमान का अंतर भी कारण
स्वास्थ्य के लिए तापमान में उतार-चढ़ाव भी विलेन बनता है। सुबह न्यूनतम तापमान 10 डिग्री है। दोपहर तक यह 27 डिग्री तक पहुंच जाता है। लोग दिन में बिना गर्म कपड़ों के निकलते हैं। लौटते समय ठंड बढ़ जाती है। ऐसे में धूल के कण जब सांस नली में पहुंचते हैं तो यह सीओपीडी, अस्थमा व खासी जैसी बीमारियों का कारण बनते हैं।

जीएमसी के पल्मोनरी डिपार्टमेंट के एचओडी डॉ. लोकेंद्र दवे बताते हैं कि ठंड व वायु प्रदूषण के बढऩे से सीओपीडी, सांस और अस्थमा के मरीज बढ़े हैं। कोरोना के चलते जिनके फेफड़ों की इम्युनिटी कम हुई उन पर इसका बुरा असर पड़ रहा है। इसलिए मास्क लगाकर ही घर से निकलें।

सीओपीडी के लक्षण
लगातार खांसी आना व वजन का कम होना
छाती में जकडऩ व घरघराहट होना
सांस लेने में परेशानी व हर समय थकान महसूस होना
पैरों और पंजों में सूजन आना
इससे बचने के लिए मास्क जरूर लगाएं
गर्म कपड़े पहनें

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