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33 गांवों को मिल जाएगी जमीन खरीदने, बेचने और उद्योग लगाने की अनुमति

सोन चिरैया का होगा डिनोटिफिकेशन

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son chirayya

भोपाल। शिवपुरी के करैरा सोन चिरैया अभ्यारण्य को डिनोटीफाई किया जा रहा है। इससे पहले कूनो पालपुर का एरिया बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस पर कैबिनेट की स्वीकृति मिलने के बाद इसकी अधिसूचना जारी की जाएगी। इस अभ्यारण्य से सोन चिरैया पिछले 10 साल से गायब हैं। तब से अब तक डिनोटीफाई नहीं किया जा सका। सोन चिरैया अभ्यारण्य राजस्व की जमीन पर है। इसका क्षेत्रफल 202 वर्ग किलोमीटर है। इसमें बसे करीब 33 गांवों का आज तक विकास नहीं हो सका। न ही लैंड डायवर्जन हुआ। अभ्यारण्य डिनोटीफाई होने से यहां की करीब एक लाख की आबादी को अपनी जमीन खरीदने, बेंचने, उद्योग लगाने और विकास कार्य करने की कार्य करने की अनुमतियां मिल सकेंगी।

सोन चिरैया बढ़ाने बनाया एक्शन प्लान
ग्वालियर के घाटी गांव अभ्यारण्य में सोन चिरैया बढ़ाने का एक्शन प्लान बनाया जा रहा है। इसके अलावा उनके रहवास विकास के क्षेत्रों को भी बढ़ाया गया है। इसके एरिया में भी वर्ग किलोमीटर बढ़ोतरी की जा रही है।

सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार जितना क्षेत्र करैरा अभ्यारण्य का है, उतने में कूनो पालपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ा दिया है। इसकी रिपोर्ट भी कोर्ट को दे दी गई है। यह प्रस्ताव शासन के पास है, जिसे कैबिनेट में रखा जाएगा।
-जितेन्द्र अग्रवाल, पीसीसीएफ, वाइल्ड लाइफ

नहीं लाए जा सके गिर के शेर
कूनो पालपुर में गिर के बब्बर शेर लाने के लिए अब तक सरकार ने करीब 42 करोड़ रुपए खर्च कर दिए हैं। यहां बब्बर शेर लाने के संबंध में प्रयास 1998 से चल रहे हैं। इसी के चलते यहां से 1700 परिवारों को भी अगल-अलग चरणों में विस्थापित किया गया है। हाल ही में बब्बर शेर लागे के संबंध में गठित कमेटी ने बाउंड्रीवाल बनाने के संबंध में राज्य सरकार को सुझाव दिए हैं। बाउंड्रीवाल बनाने के लिए राज्य सरकार ने केन्द्र से 10 करोड़ रुपए मांगे हैं।