
भोपाल. हमारी और आपकी वजह से भोजताल में तेजी से पक्षियों की संख्या घट रही है। बढ़ते प्रदूषण, जलक्षेत्र में अतिक्रमण और तेजी से घटती हरियाली के कारण पिछले तीन सालों में कम से कम ६६ प्रजातियों के पक्षी भोजताल में दिखना बंद हो गए हैं। यह खुलासा भोज विंटर वर्ड काउंट २०२३-२४ में हुआ है। हालांकि, इस बार प्रवासी पक्षियों की संख्या में इजाफा देखने को मिला है।
पहली बार दिखीं ये प्रजातियां
पिछले साल की पक्षी गणना में 174 प्रजाति के 30 हजार पक्षी दिखे थे। इस बार 142 प्रजाति के 35 हजार पक्षी देखे गए। दुर्लभ व्हाइट इअर्ड बुलबुल और ब्लू बियर्डेड बी ईटर को भी इस बार चिन्हित किया गया है। ये प्रजातियां भोज वेटलैंड में पहली बार दिखी हैं। दुर्लभ प्रजाति के ब्लैक स्टोर्क और टफ्टेड पोचार्ड को भी चिन्हित किया गया है। संकटग्रस्त प्रजातियों में सारस क्रेन, पेंटेड स्टोर्क, ग्रेटर स्पॉटेड ईगल, ओरिएंटल डार्टर , पेंटेड स्टोर्क, ब्लैक हेडेड आइबिस भी चिन्हित किए गए हैं।
तीन दिवसीय गणना
2 से 4 फरवरी के बीच आयोजित भोज वेटलैंड विंटर बर्ड काउंट में डॉ. संगीता राजगीर , मो खालिक ,पक्षी विशेषज्ञ नरेंद्र कुमार मेश्राम, कृतली चिंदरकर, डॉ विपिन धोटे और सारंग महात्रे शामिल थे।
कई प्रवासी पक्षियों की पहचान
प्रवासी पक्षियों में रेड क्रेस्टेड पोचार्ड , कॉमन पोचार्ड, ब्लैक हेडेड आइबिस ,रेड नेपड आइबिस, नॉर्थेन शोवलर, कॉमन टील, गार्गेनि, ब्लैक हेडेड बंटिंग ,रेड हेडेड बंटिंग, ब्रह्मिनी शेल्डक, ब्लू थ्रोट, लैसर वाइट थ्रोट, ग्रीन सैंड पाइपर, पेंटेड स्टोर्क , ब्राउन हेडेड गल ,ब्लैक हेडेड गल, पर्पल हेरॉन , लार्ज कोमोर्रेट , साइबेरियन स्टोन चैट , कॉमन चिफचैफ , यूरेशियन कूट , स्पॉट बिल डक , लैसर व्हिस्टलिंग डक , ब्लैक हेडेड आइबिस, ग्लॉसी आइबिस , रेड स्टाटज़् , कॉमन स्काइप ,ब्लैक टेल्ड गोडविट ,यूरेशियन रायनेक आदि चिन्हित किये गए।
भोज ताल के पक्षियों में गिरावट
२०२३-२४-142 प्रजातियां-35 हजार पक्षी
2022-23-1७४ प्रजातियां-30 हजार पक्षी
2021-22-208 प्रजातियां-53325 हजार पक्षी
Published on:
04 Feb 2024 10:35 pm
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
