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आठ सालों में 90 प्रोजेक्ट पर 4000 करोड़ खर्च फिर भी इंदौर से पीछे है भोपाल

स्मार्ट सिटी मिशन के तहत भोपाल में 90 प्रमुख प्रोजेक्ट्स पर काम हुआ। 750 करोड़ रुपए का इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर से लेकर 200 करोड़ रुपए का इंटेलीजेंस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम विकसित हुआ।

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भोपाल. स्मार्ट सिटी मिशन के तहत भोपाल में 90 प्रमुख प्रोजेक्ट्स पर काम हुआ। 750 करोड़ रुपए का इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर से लेकर 200 करोड़ रुपए का इंटेलीजेंस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम विकसित हुआ। युवाओं को स्टार्ट अप्स में मदद के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर भी सबसे पहले भोपाल में बना। लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर अवॉर्ड में बाजी इंदौर और अन्य शहरों ने जीती। बीते आठ साल में 90 प्रोजेक्ट्स पर 4000 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि खर्च करने के बावजूद न तो शहर की हवा बेहतर हो पाई न ही लाइफ स्मार्ट हो पाई। स्वच्छता तक में शहर फिसड्डी है। इंडिया स्मार्ट सिटीज अवॉर्ड कांटेस्ट में सिर्फ एक सदर मंजिल हेरिटेज प्रोजेक्ट को ही अवॉर्ड लायक समझा गया।
भोपाल में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स
- 750 करोड़ रुपए का कंट्रोल कमांड सेंटर।
- 55.50 करोड़ में डेकोरेटिव लाइटें, ग्रेनाइट चेयर, गार्डन में बोलार्ड।
- 28 करोड़ का प्रोजेक्ट डस्ट फ्री सिटी के लिए।
- २१ करोड़ का सदर मंजिल हेरिटेज प्रोजेक्ट।
-2.8 करोड़ रुपए का भोपाल प्लस एप
- ग्रीन प्रोजेक्ट के तहत ग्रीन स्पॉट।
- अंडरग्राउंड स्मार्ट डस्टबिन प्रोजेक्ट।
- ज्योति टॉकीज से बोर्ड ऑफिस चौराहा टेक्टिकल अर्बनाइजेशन।
- 750 किलोवॉट का बड़ा तालाब वीआईपी रोड किनारे सोलर प्लांट।
- टीटी नगर में 342 एकड़ में एरिया बेस्ड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट।
- साइकिल ट्रैक।
- टीटी नगर में स्मार्ट हाट प्रोजेक्ट।
- टीटी नगर दशहरा मैदान।
- अटल पथ और स्मार्टं रोड।
- इंटेलीजेंस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम।
- सरकारी आवास प्रोजेक्ट।
- डिजिटल एड्रेस सिस्टम प्रोजेक्ट।
- स्मार्ट पोल प्रोजेक्ट
(ये कुछ प्रमुख प्रोजेक्ट हैं। इनमें स्मार्ट एप, स्मार्ट बिन, टेक्टिकल अर्बनाइजेशन, सायकिल ट्रैक, डिजिटल एड्रेस सिस्टम, स्माटज़्पोल, डस्ट फ्री सिटी जैसे प्रोजेक्ट खत्म या बंद हो चुके हैं)

अब सिर्फ केयर टेकर एजेंसी रहेगी स्मार्ट सिटी
- जून 2023 तक ही स्मार्ट सिटी का कार्य काल था। एक साल के लिए इसका कार्यकाल बढ़ाया गया है। क्योंकि बचे काम पूरे करने करने थे। हालांकि, अब कंपनी केयर टेकर की भूमिका में है। भोपाल में अभी एबीडी का काम काफी बाकी है।
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स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट पूरे शहर के लिए लाभकारी साबित हो रहे हैं। हमारे प्रोजेक्ट्स को हर साल अवार्ड मिलते हैं। शुक्रवार को हमें ई-गवर्नेंस और स्मार्ट सिटी दोनों का अवार्ड मिला है।
गौरव बैनल, सीइओ स्मार्ट सिटी