आईएएस—आईपीएस बनने सरकार फ्री में कराएगी कोचिंग सरकार ने प्रदेश में टॉप 150 ट्रायबल्स स्टूडेंटस को सिलेक्ट किया है। 50 स्टूडेंटस को स्टडी 100 स्टूडेंटस को आईएएस—आईपीएस के लिए दिल्ली में फ्री कोचिंग
कमलनाथ सरकार इस साल ट्रायबल स्टूडेंटस को फॉरेन में स्टडी भेजने की तैयारी कर रही है। सरकार ने प्रदेश में टॉप 150 ट्रायबल्स स्टूडेंटस को सिलेक्ट किया है। इनमें 50 स्टूडेंटस को स्टडी के लिए फॉरेन भेजा जाएगा तो 100 स्टूडेंटस को आईएएस—आईपीएस जैसी हायर सर्विस के लिए दिल्ली में फ्री कोचिंग सर्विस दी जाएगी।
फॉरेन स्टडी स्कॉलरशिप स्कीम में सरकार ट्रायबल स्टूडेंटस को फॉरेन में हायर एज्यूकेशन में स्टडी करने के लिए 40 यूएस डॉलर अथवा हर साल आने वाला खर्च जो भी कम हो देती है। इस स्कीम में ट्रायबल स्टूडेंटस फॉरेन में इंजीनियरिंग, आईटी और साईंस सब्जेक्टस में मास्टर डिग्री प्राप्त कर सकता है।
सरकार स्टूडेंस के पढ़ाई का खर्च फॉरेन की यूनिवर्सिटी के खाते में सीधे ट्रांसफर करती है। स्टूडेंटस को फॉरेन में रहने, ठहरने और खाने के लिए 9000 यूएस डॉलर भत्ते के रुप में दिए जाएंगे। इसके अलावा फॉरेन में दुखी—बिमारी सहित आकस्मिक कार्य के लिए 1000 यूएस डॉलर का आकस्मिक भत्ता भी दिया जाएगा।
स्टडी में टॉप बच्चों को प्रोत्साहन
ट्रायबल डिपार्टमेंट इस योजना को लंबे समय से चला रहा है। डिपार्टमेंट ट्रायबल जिले के बच्चों पर ज्यादा फोकस करता है। स्टडी में टॉप रहने वाले बच्चों को हायर एज्यूकेशन के लिए प्रोत्साहित करता है। उसके रहने खाने और ठहरने सहित पूरी पढ़ाई का खर्च भी राज्य सरकार देती है। इतना ही नहीं यदि कोई आदिवासी बच्चा खेल में अच्छा है तो उसे उसके पसंदीदा खेल में नेशनल नेवल तक जाने के लिए पूरी ट्रेनिंग और कोच की व्यवस्था भी करवाई जाती है।
सरकार का मानना है कि ट्रायबल के बच्चे काफी मेहनती होते हैं, ऐसे में संसाधन और पैसों के अभाव में ये लोग पिछड़ना नहीं चाहिए। समाज के दूसरे वर्गों के बराबर इन्हें खड़ा करने के लिए ही इस तरह की योजना संचालित की जा रही हैं। जिससे आदिवासियों का विकास और कल्याण हो सके।
यूपीएससी सर्विस के लिए कोचिंग
यूनियन पब्ल्कि सर्विस की परीक्षा में ट्रायबल बच्चे सिलेक्ट हो सके इसके लिए दिल्ली में फ्री कोचिंग सुविधा दी जाएगी। इसके लिए लोकसेवा आयोग की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग के लिये ट्रायबल स्टूडेंटस को अधिकतम दो लाख रुपये अथवा कोचिंग का वास्तविक शुल्क, जो भी कम हो, प्रदान किया जाएगा। नई दिल्ली में इम्पेनल्ड कोचिंग इंस्टीट्यूट में यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। विद्यार्थियों को प्रतियोगी पुस्तकें खरीदने के लिए एक मुश्त 15 हजार रुपये की राशि प्रदान की जाएगी।