यूजी व पीजी में 527000 स्टूडेंट ने लिया प्रवेश
भोपाल। मध्यप्रदेश के कॉलेज खाली हैं. प्रदेश के कॉलेजों में प्रवेश के लिए 90 दिन प्रक्रिया चली इसके बाद भी प्रदेशभर में ढाई लाख सीटों पर एडमिशन नहीं हुआ. प्रदेश में यूजी व पीजी कोर्सेस में 527000 स्टूडेंट ने प्रवेश लिया है. राजधानी सहित प्रदेश भर के सरकारी और प्राइवेट कालेजों में शनिवार तक प्रवेश प्रक्रिया जारी रही। प्रवेश से वंचित विद्यार्थी अब प्राइवेट परीक्षा ही दे सकेंगे।
प्रदेश में स्नातक यानि यूजी और स्नातकोत्तर यानि पीजी में कुल 8 लाख सीटें हैं. इनमें से शनिवार तक कुल 5 लाख 27 हजार सीटों पर विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया। इस प्रकार प्रदेश में कालेजों में करीब ढाई लाख सीटें खाली रह गई। प्रदेश में 17 मई से 13 अगस्त तक करीब 90 दिन प्रवेश प्रक्रिया चली. इसके बावजूद लाखों सीटें खाली रह गई हैं. जिन स्टूडेंट का एडमिशन हुआ है उन्हें 13 अगस्त तक आनलाइन माध्यम से प्रवेश शुल्क का भुगतान करना था।
उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार शनिवार तक करीब 9 हजार से अधिक और आवेदकों ने भुगतान कर प्रवेश लिया। इससे पहले 5 लाख 18 हजार एडमिशन हुए थे जो शनिवार यानि अंतिम दिन 5 लाख 27 हजार हो गए। इस बार सीबीएसई की 12वीं कक्षा के परिणाम देरी से आए. एमपी बोर्ड के पूरक के परिणाम के बाद अब तक कालेज में प्रवेश प्रक्रिया जारी रही। इस बार प्रवेश के लिए एक चरण की काउंसलिंग के बाद पांचवें चरण की कालेज लेवल काउंसलिंग सीएलसी के अतिरिक्त चरण की काउंसलिंग प्रक्रिया भी संचालित की गई।
उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्रवेश से वंचित विद्यार्थी अब प्राइवेट परीक्षा में शामिल हो सकेंगे. ऐसे स्टूडेंट इस साल प्राइवेट परीक्षा देकर द्वितीय वर्ष में नियमित हो जाएंगे। अधिकारियों का यह भी कहना है कि 90 दिन तक प्रवेश प्रक्रिया चली। अब प्रवेश के लिए तारीख बढ़ाने से कक्षाओं में पढ़ाई पर भी असर पड़ सकता है इसलिए प्रवेश से वंचित स्टूडेंट प्राइवेट परीक्षा दे सकते हैं। फिलहाल प्रवेश की तारीख आगे बढ़ाने का कोई विचार नहीं है। अब कक्षाओं में पढ़ाई शुरू हो चुकी है। इसलिए अब काउंसलिंग का कोई भी चरण शुरू नहीं किया जाएगा।