स्कूल शिक्षा विभाग का कड़ा फैसला
भोपाल. मध्यप्रदेश में इस समय शिक्षा पर सबसे ज्यादा जोर दिया जा रहा है. इसके लिए जहां सरकार सभी संसाधन मुहैया करा रही है वहीं शिक्षकों की कमी पूरी करने के लिए नियुक्ति प्रक्रिया भी प्रारंभ की गई है. इसके साथ ही अध्ययन-अध्यापन में लापरवाही करने या अपने कर्तव्य निभाने में लापरवाही बरतने पर सख्त तेवर भी दिखा रही है. स्कूल शिक्षा विभाग ने कुछ ऐसा ही कदम उठाते हुए प्रदेश के कई शिक्षकों को निलंबित कर दिया है.
अधिकारियों के अनुसार शिक्षा विभाग ने कुल 53 शिक्षकों को निलंबित कर दिया है। इन सभी शिक्षकों पर परीक्षा के समय हड़ताल करने का आरोप है. निलंबित होनेवाले शिक्षकों में कर्मचारी नेता भरत पटेल भी शामिल हैं। सस्पेंड होने वालों में राजधानी भोपाल से कोई भी शिक्षक शामिल नहीं है।
स्कूल शिक्षा विभाग के अफसरों का तो साफ कहना है कि निलंबित किए गए शिक्षक नेता भरत पटेल के साथ हड़ताल करने वाले किसी भी शिक्षकों को बख्शा नहीं जाएगा। बता दें कि 13 सितंबर को शिक्षक संघ ने राजधानी में अनिश्चितकालीन धरने की घोषणा की थी लेकिन प्रशासन की अनुमति नहीं मिलने के कारण शिक्षक राजधानी में घुसकर प्रदर्शन नहीं सके थे।
स्कूल में नहीं पढ़ाने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की गई- विभाग का कहना था कि तिमाही परीक्षा शुरू होने वाली है। इसलिए स्कूल में नहीं पढ़ाने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। एक साथ 50 से ज्यादा शिक्षकों को निलंबित कर शिक्षा विभाग ने अन्य शिक्षकों को सख्त संदेश दे दिया है कि किसी की भी लापरवाही या गैर जिम्मेदाराना व्यवहार को अब सहन नहीं किया जाएगा.