21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

MP में 6 बड़ी नेशनल हाईवे परियोजना प्रस्तावित, नितिन गडकरी करेंगे लोकार्पण और भूमिपूजन

MP News : राजधानी भोपाल में मिसरोद से औबेदुल्लागंज के बीच 19.32 किमी लंबे मौजूदा फोरलेन को सिक्सलेन में बदला जाएगा। इस पर 280 करोड़ खर्च होंगे। उज्जैन में महाकाल मंदिर से रेलवे स्टेशन के बीच एलिवेटेड कॉरिडोर बनेगा। प्रदेश में 6 राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण भी होगा

less than 1 minute read
Google source verification
Nitin Gadkari in MP to give a big gift of road Projects

Nitin Gadkari in MP to give a big gift of road Projects

MP News : राजधानी भोपाल में मिसरोद से औबेदुल्लागंज के बीच 19.32 किमी लंबे मौजूदा फोरलेन को सिक्सलेन में बदला जाएगा। इस पर 280 करोड़ खर्च होंगे। उज्जैन में महाकाल मंदिर से रेलवे स्टेशन के बीच एलिवेटेड कॉरिडोर बनेगा। प्रदेश में 6 राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण भी होगा। मोहन सरकार ने इन सभी के प्रस्ताव तैयार किए हैं। इन्हें 10 अप्रेल को बदनावर में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी(Nitin Gadkari) के सामने रखा जाएगा। वे 3502 करोड़ के 218 किमी एनएच का लोकार्पण और 2330 करोड़ की 110 किमी एनएच का भूमिपूजन भी करेंगे।

उम्मीद है कि सभी परियोजनाओं को स्वीकृति मिल जाए। इससे पहले सोमवार को सीएम डॉ. मोहन यादव(CM Mohan Yadav) ने पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह और मुख्य सचिव अनुराग जैन समेत विभाग के अफसरों से चर्चा की।

ये भी पढें - ट्रंप के टैरिफ वार से फार्मा सेक्टर को मिलेगा बूस्ट, MP की कंपनियां भरेंगी उड़ान

केंद्र को भेजे इनके प्रस्ताव

1. बदनावर-पेटलावद-थांदला फोरलेन (80 किमी, लागत 1500 करोड़ रु.)।

2. पूर्वी इंदौर बायपास मार्ग (77 किमी, लागत 3500 करोड़ रु.)।

3. उज्जैन-झालावाड़ फोरलेन मार्ग (134 किमी, लागत 2200 करोड़ रु.)।

4. ग्वालियर-भिंड फोरलेन (96 किमी, लागत 3125 करोड़ रु.)।

5. सतना-चित्रकूट फोरलेन में उन्नयन (80 किमी, लागत 1500 करोड़ रु.)।

6. लखनादौन से रायपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे (200 किमी, लागत 5985 करोड़ रु.) के निर्माण के लिए बालाघाट और लांजी तहसील के जनजातीय क्षेत्र से गुजरने वाले एकरेखण (अलाइमेंट) के विकल्प को प्राथमिकता।

सीएम बोले-

सड़क विकास में पीछे न रहें। संवाद कर जल्द मंजूरी सुनिश्चित करें।

निर्माण जल्द और पूरी गुणवत्ता (परफॉर्मेंस गारंटी) के साथ कराएं

परियोजना से जुड़े भू-अधिग्रहण मामलों को चर्चा कर सुलझाएं।