
7th Pay Commission Good news!
भोपाल। केंद्र की मोदी सरकार अब केंद्रीय कर्मचारियों के लिए गुड न्यूज देने वाली है। वह 1 अप्रैल 2018 से सभी छोटे कर्मचारियों का वेतन कम से कम 21 हजार रुपए तय करने जा रही है। इससे अब सभी छोटे कर्मचारियों को कम से कम 21 हजार रुपए वेतन मिलना तय हो जाएगा।
जिन छोटे कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ नहीं मिल पाया है उनके लिए बड़ी खुशखबरी मिलने वाली है। आने वाले तीन दिनों बाद यह नया फार्मूला लागू हो सकता है। इसकी कवायद तेज हो गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब कोई भी कर्मचारी 21 हजार रुपए से कम वेतन नहीं पाएगा। इसके अलावा एंट्री लेवल कर्मचारियों का बेसिक पे बढ़ जाएगा। इधर मध्यप्रदेश में भी केंद्र के 75 हजार कर्मचारियों को इस वेतनवृद्धि का लाभ मिलेगा। हालांकि यह कर्मचारी अपना वेतन कम से कम 26 हजार रुपए चाहते हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक देश के वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इसके लिए एक पैनल भी गिठित कर दिया है, जो कर्मचारियों की मांग पर अप्रैल तक अंतिम फैसला ले सकती है। इसकी संभावना भी जताई गई है कि जेटली द्वारा लोअर लेवल कर्मचारियों से किए गए वादों को जल्द ही अमलीजामा पहनाया दिया जाएगा।
मध्यप्रदेश सरकार के भी कर्मचारियों की निगाह इस फैसले पर लग गई है। वे भी शिवराज सरकार से केंद्र की ही तरह मिनिमन वेतन की मांग करने के मूड में है।
सात हजार से हो गया 18 हजार वेतन
केंद्र सरकार ने कम वेतन वाले अपने कर्मचारियों को बड़ी सौगात देते हुए उनका वेतन 18 हजार रुपए किया है। इससे पहले कई सालों तक सभी को 7 हजार रुपए ही वेतन दिया जाता था। मोदी सरकार अब इनका वेतन 21 हजार रुपए करने की तैयारी में है। दिसंबर माह में भी इसकी कवायद हुई थी, लेकिन यह टाल दिया गया।
इसके लिए तैयार हुई कमेटी
सातवां वेतनमान की सिफारिशों के बाद उसकी समीक्षा के लिए बनी नेशनल अनोमली कमेटी (NAC) बनाई गई है। यह कमेटी केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने की सिफारिश कर सकती है। इससे पहले इस कमेटी की मीटिंग 5 दिसंबर को हने वाली थी, जिसमें वेतन से संबंधित रिपोर्ट पेश होने के बाद कैबिनेट के पास अप्रूवल के भेजा जाना था। इसके साथ ही फिटमेंट फेक्टर को भी 2.57 से बढ़ाकर 3.00 करने की सिफारिश करने की तैयारी है।
कर्मचारियों को चाहिए 26 हजार
इधर, कर्मचारियों सरकार पर दबाव है कि वे बढ़ती महंगाई को ध्यान में रखते हुए और बाकी कर्मचारियों को मिल रहे 7वें वेतनमान के साथ सामंजस्य बैठाते हुए कम से कम 26 हजार रुपए वेतन दे। क्योंकि केंद्र के कई कर्मचारी ऐसे भी हैं जो दूर-दराज से बड़े शहरों में आते हैं, जिससे उनको अपना और परिवार का पोषण करना मुश्किल होता है।
यह सुविधा भी मिलती है उन्हें
-कर्मचारियों के दिव्यांग बच्चों को 30 हजार का एजुकेशन अलाउंस मिलता था।
-7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद इसे बढ़ाकर 54,000 रुपए सालाना कर दिया गया।
-दिव्यांग बच्चे के माता-पिता यदि दोनों ही केंद्रीय कर्मचारी हैं, तो कोई एक व्यक्ति ही बच्चे के लिए भत्ता प्राप्त कर पाएगा।
--आम दिव्यांग बच्चों को पढ़ाई के लिए 2,250 रुपए महीने एजुकेशन भत्ता मिलता है। -यदि दिव्यांग बच्चे के माता और पिता दोनों केंद्र सरकार के कर्मचारी हैं, तो कोई एक ही बच्चे के लिए भत्ता ले सकता है। पहले आम दिव्यांग बच्चों को यह भत्ता 1,500 रुपए माह मिलती थी।
एक नजर इधर भी
-आने वाले अप्रैल माह की सैलरी बढ़ी हुई मिलेगी।
-7वें वेतन आयोग के मुताबिक बढ़ेगी न्यूनतम सैलरी।
-केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी 21,000 रुपए होगी।
-पहले 7 हजार से बढ़ाकर 18 हजार की हो गई थी सैलरी।
-फिटमेंट फेक्टर को भी बढ़ाकर 3.0 कर दिया गया है।
-फिटमेंट सेक्टर में सरकार करेगी तीन गुना बढ़ोतरी।
-वेतन में बढ़ोतरी महंगाई को ध्यान में रखकर की गई।
-सरकार नेशनल एनोमली कमेटी की सिफारिशें लागू करने की तैयारी में।
शिवराज सरकार देगी ये गिफ्ट
केंद्र की भाजपा सरकार की तर्ज पर मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार भी अपने कर्मचारियों को बड़ा गिफ्ट देने की तैयारी में है। चुनावी साल में कई कर्मचारियों को नियमित करने की तैयारी की जा रही है, वहीं जिन शासकीय कर्मचारियों को सातवां वेतनमान नहीं मिल पाया है, उनके लिए भी इसी साल फैसला हो सकता है। इसके अलावा केंद्रीय कर्मचारियों की तरह ही महंगाई भत्ता भी एक प्रतिशत बढ़ाने से साढ़े चार लाख से अधिक कर्मचारियों की सैलरी बढ़ जाएगी।
Updated on:
27 Feb 2018 08:57 pm
Published on:
20 Feb 2018 03:41 pm
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