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मटेरियल साइंस से पहली बार 8 प्रश्न पूछे गए, इस बार इंजीनियरिंग सर्विसेज में कड़ा होगा मुकाबला

18 सेंटर्स पर हुई इंजीनियरिंग सर्विसेज प्रीलिम्स, 2631 प्रतिभागी हुए शामिल

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मटेरियल साइंस से पहली बार 8 प्रश्न पूछे गए, इस बार इंजीनियरिंग सर्विसेज में कड़ा होगा मुकाबला

मटेरियल साइंस से पहली बार 8 प्रश्न पूछे गए, इस बार इंजीनियरिंग सर्विसेज में कड़ा होगा मुकाबला

भोपाल। संघ लोक सेवा आयोग की ओर से इंजीनियरिंग सेवा की प्रीलिम्स परीक्षा-2021 रविवार को आयोजित की गई। हालांकि, कोविड-19 संक्रमण के हालातों को देखते हुए प्रतिभागियों ने आयोग से परीक्षा स्थगित करने की मांग की थी। शहर के 18 सेंटर्स पर 2631 प्रतिभागियों ने परीक्षा दी जबकि इसके लिए करीब 6626 ने फॉर्म भरा था। राजस्व उपायुक्त संजू कुमारी ने बताया कि किसी भी प्रतिभागी के कोरोना पॉजिटिव होने की जानकारी नहीं मिली। रविवार को हुई परीक्षा का प्रतिशत 39.7 फीसदी रहा है। इस परीक्षा में पूरे प्रदेश के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। अनलॉक की स्थिति के बाद पब्लिक ट्रांसपोर्ट संचालित हो रहे हैं, ऐसे में सभी अपने साधनों से ही सेंटरों तक पहुंचे। परीक्षा दो पालियों में सुबह-9 से 12 और दोपहर-2 से 5 बजे तक आयोजित की गई। यह परीक्षा कुल 215 पदों के लिए हुई। 10 अक्टूबर को मैन्स की परीक्षा आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा हर साल जनवरी में आयोजित की जाती है, लेकिन कोरोना के चलते पोस्टपोन होते हुए यह अब हो पाई है।

परीक्षा में नहीं किया गया बदलाव
मैड ईजी के सेंटर हेड विजय तिवारी ने बताया कि पहले सत्र में ईएसई-1 का 200 नम्बर का पेपर हुआ। इसमें 10 टॉपिक्स से प्रश्न पूछे जाते हैं। इसमें 8 इंजीनियरिंग सर्विसेज के, एक इंजीनियरिंग मैथेमेटिक्स का और एक रीजनिंग एण्ड एप्टीट्यूड का विषय होता है। इस बार एनर्जी एनवायरमेंट से 4 प्रश्न पूछे गए, जबकि मटेरियल साइंस से 8 प्रश्न आए। ऐसा पहली बार हुआ है क्योंकि हर बार मटेरियल साइंस से एक या दो प्रश्न ही आते हैं। ये सब्जेक्ट ईसी और इलेक्ट्रीकल इंजीनियरिंग करने वाले स्टूडेंट्स ही पढ़ते हैं, तो उन्हें प्रश्न हल करने में आसानी हुई जबकि मैकेनिकल और सिविल स्टूडेंट्स के लिए यह पोर्शन टफ हो गया। कुल मिलाकर पेपर मॉडरेट रहा। दूसरे सत्र में इंजीनियरिंग की चारों ब्रांच के अलग-अलग सब्जेक्टिव पेपर हुए, पेपर-2 हर साल की तरह ही एवरेज था। कोरोना के चलते इस बार परीक्षा में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है।

वैकेंसी हुई कम
पिछले साल सिविल इंजीनियरिंग का कट ऑफ 230 था जो इस साल 240 तक जाएगा। मैकेनिकल का भी 260 से बढ़कर 265 तक कटऑफ रहेगा। तिवारी के अनुसार इसी परीक्षा से रेलवे में भी भर्ती की जाती थी, पिछले साल आइआरएमएस के माध्यम से रेलवे में भर्ती की घोषणा की गई थी, लेकिन अब तक वैकेंसी नहीं निकाली गई।