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7 अजूबों के बाद भारत में मिला 8वां अजूबा, इसे देखकर आप भी हो जाएंगे हैरान।

पत्रिका मध्यप्रदेश आपको एक ऐसे बच्चे के बारे में बताने जा रहा है, जिसकी दोनों आंखें किसी अजूबे से कम नहीं हैं।

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8th wonder of world

खंडवा/सेंधवा। दुनिया भर के अजूबों के बारे में सुना होगा, लेकिन आज जिस अजूबे के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं वो वाकई हैरान कर देने वाला है। पत्रिका मध्यप्रदेश आपको एक ऐसे बच्चे के बारे में बताने जा रहा है, जिसकी दोनों आंखें किसी अजूबे से कम नहीं हैं। आपने लोगों की आंखों के रंगों में तो कई बार सुना होगा। हरी और नीली आंखों का मिलना तो कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन क्या ये संभव है कि किसी इंसान की दोनों आखों का रंग एक दूसरे से अलग हो। जी हां, ये बात आपको सोचने पर मजबूर कर देगी, लेकिन आपको यकीन करना ही होगा कि जिस बच्चे की हम बात कर रहे हैं उसकी दोनों आंखों का रंग अलग अलग है।

सेंधवा के टैगोर बेड़ी क्षेत्र में रहने वाले आसिफ के घर आज से 5 महीने पहले एक बच्चे ने जन्म लिया। बेहद खूबसूरत ये बच्चा जैसे ही परिवारजनों की गोद में आया सब हैरान रह गए। इस बच्चे की दोनों आंखों का रंग एक दूसरे से अलग था। मोहम्मद हुसैन नाम के इस बच्चे की एक आंख का रंग भूरा था और दूसरी का नीला। इस बात की खबर मिलते ही शहर भर से लोग इस बच्चे को देखने के लिए आने लगे। वक्त के साथ साथ इस बच्चे की आंखों के रंग के बारे में चर्चा बढ़ती गई। एक बच्चे की दोनों आंखों का रंग हर किसी के लिए किसी अजूबे से कम नहीं था।

अनोखा है ये बच्चा, हाइट्रोक्रोमिया की वजह से आंखें ऐसी
5 साल के नन्हे से मोहम्मद हुसैन की एक आंख भूरी, तो दूसरी नीले रंग की है। चिकित्सकों के अनुसार आंखों का रंग परिवर्तन अनुवांशिक है। इसे हाइट्रोक्रोमिया कहा जाता है। लाखों लोगों में किसी एक में यह संयोग मिलता है। आम तौर पर हर इंसान की दोनों आंखों का रंग एक समान होता है, लेकिन इस बच्चे के साथ ऐसा नहीं है।

हाइट्रोक्रोमिया होने के कारण इस बच्चे की दोनों आंखों का रंग एक दूसरे से बिल्कुल अलग है। कई बार लोग इस तरह की घटनाएं देखकर डर जाते हैं, लेकिन मेडिकल साइंस कहता है कि ये कोई बीमारी नहीं है, त्वचा, बालों और आंखों का रंग गर्भावस्था के दौरान ही बनते हैं इसलिए आंखों का रंग अलग अलग होने से बच्चे के स्वास्थ्य पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

लाखों में एक होते हैं इस तरह के केस
गौर करने वाली बात ये है कि इस तरह के केस लाखों इंसानों में किसी एक में ही नजर आते हैं। इस तरह के बच्चे दुनियाभर में देखने को मिलते हैं, लेकिन उनकी संख्या बहुत ही कम है। अमेरिका की मशहूर मॉडल सारा मैकडेनियल की आंखें भी कुछ ऐसी ही हैं। कुछ साल पहले चण्डीगढ़ में जन्मे पारस सिंह की आंखें भी इसीलिए चर्चा में आईं थीं, क्योंकि उनकी आंखों का रंग अलग अलग था।

पारस की आंखों को लेकर भी परिवार वाले चिंतित थे, लेकिन डॉक्टर्स ने बताया कि ये कुदरती है और ये पूरी तरह से सामान्य हैं। बहरहाल इसे कुदरत का करिश्मा ही कहेंगे क्योंकि ऐसी आंखें किसी अजूबे से कम नहीं हैं।