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टेलीग्राम पर बिक रहे 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा के पेपर, सही प्रश्नपत्र का दावा

Board Exam10th-12th Paper Leak: टेलीग्राम चैनल बनाकर दावा करते हैं कि उनके पास 10वीं-12वीं के प्रश्नपत्र उपलब्ध है। चैनलों के नाम और प्रोफाइल इस तरह तैयार की जाती है, जिससे वे वास्तविक प्रतीत हों। पेपर के बदले में 500 से 2000 रुपए तक ऑनलाइन माध्यम से वसूले जाते हैं

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Board Exam10th-12th Paper Leak

Board Exam 2026 Class 10th-12th (फोटो सोर्स: पत्रिका क्रिएटिव)

Board Exam10th-12th Paper Leak: मध्यप्रदेश में परीक्षाओं का सीजन शुरू होते ही टेलीग्राम, वाट्सऐप पर ठग सक्रिय हो गए है। प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के नाम पर लिंक भेजे जा रहे हैं और पैसे की मांग की जा रही है। साइबर क्राइम पुलिस ने फर्जी लिंक और ऐसे लोगों से बचने की सलाह दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हर साल बोर्ड परीक्षा से ठीक पहले इस तरह की ठगी के मामले सामने आते है। ठग फर्जी टेलीग्राम चैनल बनाकर दावा करते हैं कि उनके पास 10वीं-12वीं के प्रश्नपत्र(Board Exam10th-12th Paper Leak) उपलब्ध है। चैनलों के नाम और प्रोफाइल इस तरह तैयार की जाती है, जिससे वे वास्तविक प्रतीत हों। पेपर के बदले में 500 से 2000 रुपए तक ऑनलाइन माध्यम से वसूले जाते हैं। यह पूरी तरह फर्जी दावा होता है।

पुलिस को तुरंत शिकायत करें

पुलिस ने कहा है कि यदि कोई व्यक्ति या चैनल प्रश्नपत्र बेचने का दावा करता है, तो उसकी तुरंत शिकायत की जाए। साइबर सेल के एसआइ अंकित नायक ने बताया कि बीते दो साल में भोपाल क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ऐसे दो बड़े मामलों का खुलासा कर चुकी है। छिंदवाड़ा जिले के दमुआ से गिरफ्तार किया गया दीपांशू कोरी नीट की तैयारी कर रहा था और उसने कॉलेज से ड्रॉप लिया हुआ था। उसने टेलीग्राम पर फर्जी पेपर लीक चैनल बनाया, जिसमें एक लाख से अधिक लोग जुड़े थे। जांच में सामने आया कि उसने सैकड़ों छात्रों से ठगी की और 500 से 2000 रुपए तक लेकर पेपर उपलब्ध कराने का दावा करता था।

बचने के लिए पुलिस की यह सलाह

  • किसी भी अनजान लिंक. ग्रुप या व्यक्ति से प्राप्त प्रश्नपत्र को असली न मानें।
  • इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने वाले प्रश्नपत्र या उनके उत्तर फर्जी हो सकते हैं।
  • रुपए लेकर प्रश्नपत्र बेचने वाले लोग ठग हैं, उनके झांसे में न आएं। ऐसे प्रकरणों में शामिल होना भी कानून अपराध है।
  • केवल संबंधित बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी पर ही भरोसा करे।

कोई भी दावा पूरी तरह फर्जी है

पेपर लीक के नाम पर कोई भी दावा पूरी तरह फर्जी है। छात्र और अभिभावक ऐसे चैनलों से दूर रहें, पैसे न भेजें और तुरंत साइबर पुलिस को सूचना दें।- शैलेंद्र सिंह चौहान, एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच