
street dog
पृथ्वी कोर्टयार्ड कॉलोनी में रहने वाले ऋषभ लखेरा पर कुत्ते ने ऐसा झपट्टा मारा कि कान का निचला हिस्सा कुत्ते के मुंह में आ गया। घटना 28 सितंबर की है। इसकी शिकायत मिसरोद थाने में की गई है। अब लखेरा को अपने कान की प्लास्टिक सर्जरी करानी होगी, जिसमें करीब डेढ़ लाख का खर्च आएगा।
अपने कुत्ते को बचाने में हादसा
इस पूरे मामले में पीड़ित के पिता राजेश लखेरा का कहना है कि उनके पालतू कुत्ते को बचाने में हादसा हुआ। अब वे कुत्ते की परवरिश करने वालों से इलाज का खर्च मांग रहे हैं। इस बारे में एक्सपर्ट का कहना है कि गर्मी के दिनों में कुत्ते आक्रामक हो जाते हैं। कुत्तों को गर्मी ज्यादा लगती है, इसलिए वह सड़क पर आ जाते हैं। ऐसे में वाहन चालकों या पैदल जा रहे लोगों को नुकसान पहुंचाते हैं।
पहले भी आ चुके हैं कई मामले
बीते दिनों पहले मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में आवारा कुत्ते के द्वारा 6 साल के बच्चे का प्राइवेट पार्ट खा जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया था। बताया जा रहा था कि बच्चा मानसिक रूप से दिव्यांग है जो कि अपने घर में था तभी आवारा कुत्ता घर में घुसा और बच्चे पर हमला कर दिया। बच्चे की चीख पुकार सुनकर परिवार के लोग भागते हुए आए और किसी तरह कुत्ते के चंगुल से मासूम बच्चे को छुड़ाया। बच्चे को खून से लथपथ हालत में पहले तो परिजन मुलताई अस्पताल ले गए लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उसे वहां से बैतूल रैफर कर दिया गया था।
बच्चे की हालत देख डॉक्टर्स हैरान
बच्चे की मां ने बताया कि बच्चे को कुत्ते ने काटा है, बच्चे का परीक्षण करने पर बच्चा मानसिक विकलांग पाया गया है। परीक्षण करने पर बच्चे का प्राइवेट पार्ट नहीं था। बच्चे के निचले हिस्से में तेज ब्लीडिंग हो रही थी। प्राइवेट पार्ट खा जाने की वजह से हमें एडीजे ऑपरेशन के लिए पीडियाट्रिक सर्जन और प्लास्टिक सर्जन की भी जरूरत पड़ेगी अभी उसकी उम्र कम है जो भी सर्जरी होना है कम उम्र में हो जाएगी। उसे आगे के उपचार के लिए भोपाल के कमला नेहरू अस्पताल रेफर किया गया।
कुत्ते के काटने पर क्या करें
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, यदि आपको कुत्ते ने काट लिया है, तो संक्रमण के जोखिम को कम करने के लिए प्राथमिक उपचार लेना आवश्यक हो जाता है। यदि घाव गहरा है तो तत्काल चिकित्सा उपचार की आवश्यकता होगी। कुत्ते के काटने के बाद सबसे पहले खतरा घाव के संक्रमण का रहता है। जहां तक बात रेबीज वायरस की है तो यह संक्रमित जानवर के लार के घाव के साथ सीधे संपर्क के माध्यम से फैलता है। रेबीज संक्रमण के लक्षण फ्लू के समान हो सकते हैं, जिसमें कमजोरी या बेचैनी, बुखार या सिरदर्द की समस्या होती है। काटने वाली जगह पर चुभन या खुजली भी बनी रह सकती है। इस प्रकार के संक्रमण के जोखिम से बचने के लिए कुत्ते के काटने के आठ घंटे के भीतर रेबीज का इंजेक्शन लगवाना आवश्यक माना जाता है।
इन छह बातों का ध्यान रखें
-सबसे पहले घाव को धो लें। हल्के गुनगुने पानी और साबुन का प्रयोग करें।
-किसी साफ कपड़े की मदद से रक्तस्राव को कम करने की कोशिश करें।
-यदि आपके ओवर-द-काउंटर एंटीबायोटिक क्रीम है तो उसे लगाएं।
-प्राथमिक घरेलू उपायों के बाद तुरंत डॉक्टर से मिलें।
-डॉक्टर की सलाह पर रेबीज का इंजेक्शन लगवाएं।
-कुत्ते के काटने के लक्षणों जैसे लालिमा, सूजन, दर्द और बुखार आदि पर विशेष ध्यान रखें। इसके बारे में डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।
Published on:
03 Oct 2023 11:37 am
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
