4 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भोपाल में 7 किमी का फेरा बचाएगा ₹180 करोड़ का नया ब्रिज, दो साल में पूरा होगा निर्माण

7 km detour in Bhopal will save ₹180 crore new bridge

2 min read
Google source verification
7 km detour in Bhopal will save ₹180 crore new bridge

7 km detour in Bhopal will save ₹180 crore new bridge

Bhopal - एमपी की राजधानी भोपाल के लोगों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। महानगर में एक और रेलवे ओवर ब्रिज बन रहा है। यह लाखों लोगों के लिए आने-जाने की सुविधा बढ़ा देगा। यह ब्रिज बावड़िया कलां से आशिमा मॉल तक बनेगा जोकि पहले ही मंजूर हो चुका है। यह आरओबी राजधानीवासियों का कई किमी का फेरा बचा देगा। ब्रिज के जल्द निर्माण के लिए पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने मंत्रालय में अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने लंबित कार्य जल्द पूर्ण कर ब्रिज का निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने गोविंदपुरा क्षेत्र के अंतर्गत स्वीकृत, निर्मित और निर्माणाधीन ब्रिजों की समीक्षा की।

बावड़िया कलां चौराहा से आशिमा मॉल तक रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के लिए अधिकारियों को भू-अर्जन कार्रवाई जल्द पूर्ण करने को कहा गया है। राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने ब्रिज निर्माण की बाधाओं को जल्द से जल्द दूर कर 15 अक्टॅूबर से निर्माण चालू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सुव्यवस्थित यातायात और जन सुविधा के लिए इसका निर्माण जल्द शुरू करें।

राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने यातायात की सुविधा के लिए स्वीकृत ड्राइंग पर रोटरी बनाकर चारों कोनों के लेफ्ट टर्न क्लियर करने को कहा। उन्होंने बताया कि पूर्व निर्मित बाबूलाल गौर रेलवे ओवर ब्रिज पर सुरक्षा के लिए रोड सेफ्टी फर्नीचर लगाए जाएंगे। नर्मदापुरम की तरफ मार्ग चौड़ा किया जाएगा।

₹180 करोड़ से बचेगा करीब 7 किमी का फेरा

लोक निर्माण विभाग, नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों की मौजूदगी में राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने बावड़िया कलां चौराहा से आशिमा मॉल तक रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण हर हाल में 15 अक्टूबर तक शुरू करने को कहा। ₹180 करोड़ की लागत का यह ब्रिज 2 साल में बनकर तैयार होगा। इसके बन जाने के बाद बावड़ियाकलां, आकृति ईको सिटी, कोलार रोड, होशंगाबाद रोड और आसपास की ज्यादातर कालोनियों में रहनेवाले लोगों का करीब 7 किमी का फेरा बच जाएगा।