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अपने लकी नंबर से जानिए जीवन का सबसे अच्छा समय

अपने लकी नंबर से जानिए जीवन का सबसे अच्छा समय

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अपने लकी नंबर से जानिए जीवन का सबसे अच्छा समय

भोपालः पूरी दुनिया में भारत एक आस्थावान देश माना जाता है। यहां हर व्यक्ति की कुछ ना कुछ मान्यताएं हैं। इसी के चलते यहां प्राचीनकाल से ही मानव जाति के मन में नियति के गूढ़ रहस्यों को भेदकर अपने भविष्य को जान लेने की लालसा रही है। इसी लालसा ने ज्योतिष विद्या को जन्म दिया। मानव ने ग्रहों की चालों का सूक्ष्म अध्ययन कर भौतिक और मानव जीवन में घटित होने वाली घटनाओं को और उससे पड़ने वाले प्रभावों को जाना। इसी अध्यन में यह भी सामने आया कि, इंसान का जीवन सिर्फ गृहों की चाल पर ही आधारित नहीं है, यह अंको से भी बड़ा जुड़ाव रखता है। इसी पर आधारित होकर जीवन से जुड़ी घटनाएं प्रभावित होती हैं।

अंक चक्र का ज्ञान ज़रूरी

तंत्रों के अंक चक्र के बारे में तो अब भी लोग ज्ञान रखते हैं, लेकिन उनके फल में क्या गणित है, इसका सटीक ज्ञान होना हर इंसान के लिए संभव नहीं है। इसी वजह से इसका सटीक ज्ञान आज ज्यादातर लोगों को नहीं है। फिलहाल इसपर अनुसंधान करने की ज़रूरत है।

अंक ज्योतिष बता रहे हैं सही करीका

फिलहाल, अंको का गहरा ज्ञान रखने वाले अंक ज्योतिष श्याम किशोर शर्मा हमें बता रहे हैं इस क्रम में संयुक्त अंक या भाग्य अंक का खेल मानव जीवन पर कैसे पड़ता है। एक दिलचस्प कड़ी है ज्योतिष-विद्या की। संयुक्त का अर्थ होता है संयोग करना यानी जोड़ना। जन्म की अंग्रेजी तारीख, जन्म का अंग्रेजी महीना और अंग्रेजी सन् तीनों की विविध संख्याओं को जोड़कर संयुक्त अंक या भाग्यांक बनता है। मान लें किसी कोई व्यक्ति 26 जून 1982 को हुआ है, इस हिसाब से उस व्यक्ति का शुभ नंबर क्या होगा उसे इस उदाहरण से समझ लीजिए।

तारीख = 26 = 2+6= 8

महीना = 6

सन् = 1982 = 1+9+8+2 = 20

इन तीनों को जोड़ने से (8+6+20), 34 संख्या आई। अब 3+4 को जोड़कर सूक्ष्म संख्या 7 निकाल ली। यानी भाग्यांक 7 हुुआ। इस अंक का बहुत महत्व है इसलिए इसे भाग्य का चमत्कारिक अंक भी कहते हैं।भाग्यांक 1 के लिए भाग्यशाली वर्ष वही सिद्ध होंगे जिनका योग 1 होता है या फिर मित्र अंकों से संबंधित वर्ष भी बेहतर सिद्ध होंगे, जैसे 1 भाग्यांक के लिए सन् 1999, 2008, 2017 उत्तम सिद्ध होंगे और उसके मित्र अंक 3, 5, 7 सहायक सिद्ध होंगे।

1 का मित्र अंक 3, 5, 7 है। 2 का मित्र अंक 4 और 8 है। 3 का मित्र अंक 1, 5, 7, 6, 9 है। 4 का मित्र अंक 2 और 8 है। 5 का मित्र अंक 1, 3, 7 और 10 है। 6 का मित्र अंक 3 और 9 है। 7 का मित्र अंक 1, 3 तथा 5 है। 8 का मित्र अंक 2 और 4 है। 9 का मित्र अंक 3 और 6 है। यानी कुल भाग्यांक 9 हुए और सभी अंकों को जोड़कर 1 से 9 संख्या का सूक्ष्म अंक निकाल लिया जाता है। इसी आधार पर किसी भी व्यक्ति का शुभ अंक विकाला जा सकता है।