भोपाल

गैस पीड़ितों की हक की आवाज बुलंद करने वाले अब्दुल जब्बार नहीं रहे, छह महीने से थे बीमार

भोपाल के निजी अस्पताल में रात 10.15 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। दोपहर को ही पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह उनसे मिलने पहुंचे थे।

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Nov 15, 2019
abdul jabbar is no more

भोपाल. भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों के लिए संघर्ष करने वाले संगठन के कार्यकर्ता अब्दुल जब्बार का गुरुवार को इंतकाल हो गया। वे छह महीने से बीमार थे। भोपाल के निजी अस्पताल में रात 10.15 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। दोपहर को ही पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह उनसे मिलने पहुंचे थे और उन्हें मुख्यमंत्री कमलनाथ से बात कर मुंबई या दिल्ली इलाज के लिए भेजने वाले थे। सीएम कमलनाथ ने भी ट्वीट कर इसकी जानकारी देते हुए जब्बार के परिजनों को जल्दी इलाज का भरोसा दिया था।
अब्दुल जब्बार के परिवारजनों के मुताबिक उन्हें गैंगरीन हो गया था। इस कारण पैरों की उंगलियां भी खराब हो गई थीं। परिजनों ने उन्हें 2 महीने पहले कमला नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने उनकी उंगलियां काटने की बात कही। हालांकि कमला नेहरू में भर्ती रहने के दौरान उनकी हालत में सुधार होता नहीं दिखा तो परिजन उन्हें लेकर बीएमएचआरसी पहुंचे। वहां भी उनकी हालत में खास सुधार नहीं हुआ और हफ्ते भर पहले उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जब्बार के हार्ट में डॉक्टरों ने तीन ब्लॉकेज बताए थे। इसके साथ ही शुगर और ब्लड प्रेशर की समस्या से भी वे जूझ रहे थे आर्थिक संकट के चलते परिवार जनों ने शहर के बाहर इलाज के लिए नहीं ले जा सके और लंबे संघर्ष के बाद उन्होंने दम तोड़ दिया।

दोस्तों ने चलाई मुहिम तो जागी सरकार
करीब ढाई महीने अस्पताल में भर्ती रहने के बाद जब उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ तो जब्बार के दोस्तों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर उनके इलाज के लिए आर्थिक मदद करने की अपील की । इस कैंपेन के सोशल मीडिया में चलने के बाद सरकार हरकत में आई और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह उनसे मिलने पहुंचे, लेकिन जब तक सरकार की मदद से जब्बार को इलाज मिलता उसके पहले ही उनका निधन हो गया। गुरुवार को किए ट्वीट में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उन्हें जल्दी इलाज के लिए बाहर भेजने का आश्वासन दिया था। गुरुवार दोपहर जब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह अब्दुल जब्बार का हालचाल जानने अस्पताल पहुंचे तो उन्होंने परिवार से भरोसा रखने की अपील करते हुए उन्हें मुंबई भेजने की बात कही थी।

Published on:
15 Nov 2019 01:18 am
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