ओम पुरी व्यवस्था से नाखुश थे, वहीं उन्होंने कुछ राज नेताओं के बड़बोले पन पर भी सवालिया निशान लगाए। उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान की पुलिस राजनेताओं से ज्यादा बेहतर ढंग से काम करती है। पुलिस कम से कम चोरों को पकड़कर रिकवरी तो करती है, जबकि नेता खाली गबन या घोटालों पर बयान देकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेकते हैं। साथ ही कहा कि राजनेताओं के इस तरह के बयान से ज्यादा बेहतर होता कि वो भी बड़े स्केम का खुलासा करने के साथ ही रिकवरी में भी भूमिका निभाते।