31 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मध्यप्रदेश में वकीलों की हड़ताल, पीड़ित खुद पैरवी करने को मजबूर

मध्यप्रदेश में चौथे दिन भी जारी रही वकीलों की हड़ताल...। सख्ती का नहीं दिखा असर...।

2 min read
Google source verification

भोपाल

image

Manish Geete

Mar 27, 2023

advo.png

भोपाल। मध्यप्रदेश में चल रही वकीलों की हड़ताल का असर चौथे दिन भी देखने को मिला। सोमवार को भी वकीलों ने अदालत के कामकाज में हिस्सा नहीं लिया। इधर, चीफ जस्टिस की ओर से सभी वकीलों को काम पर वापस लौटने के आदेश के साथ ही आदेश को नहीं मानने वाले वकीलों पर अवमानना की कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है। इस बीच खबर है कि सोमवार शाम को हड़ताल को लेकर वकीलों की तरफ से कोई फैसला हो सकता है।

यह भी पढ़ेंः

पूरे मध्यप्रदेश के वकील हड़ताल पर, कोर्ट में कामकाज प्रभावित, देखें अपडेट
हाईकोर्ट का आदेश भी नहीं माना, वकीलों की हड़ताल जारी

मध्यप्रदेश की अदालतों में वकीलों की हड़ताल का सोमवार को चौथा दिन था। मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद में बैठकों का दौर चल रहा है। इधर, वकीलों की हड़ताल से परेशान हो रहे लोग खुद ही कोर्ट में अपनी जमानत के प्रयास कर रहे हैं, वहीं आगे की पेशियों से बचने के लिए खुद वकील बनकर खड़े हो रहे हैं।

जबलपुर से खबर है कि एक बलात्कार पीड़ित युवती के साथ घटना अक्टूबर 2019 को घटना हुई थी। यह युवती हड़ताल के कारण खुद वकील बनकर कोर्ट में खड़ी हो गई। संकोच करते हुए कोर्ट में युवती ने कहा कि आरोपी आदित्य परमार को अग्रिम जमानत मिल गई है तो वह उस पर केस वापस लेने के लिए धमका रहा है। पन्ना पुलिस संरक्षण दे रही है। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए माना कि जिस समय घटना हुई है वह 17 साल की थी। इस पर जस्टिस नंदिता दुबे की कोर्ट ने कहा कि कहीं न कहीं आरोपी भाजपा से ताल्लुक रखता है और केस वापस लेने के लिए पीड़िता के परिवारवालों को धमता रहा है। कोर्ट ने 4 सप्ताह बाद सुनवाई की तारीख दे दी।

इधर, ग्वालियर से खबर है कि वहां भी एक पिता ने खुद अपनी बेटे की पैरवी की। दयानंद सिंह ने बेटे राजकुमार के लिए अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया। बेटा मारपीट के आरोप में जेल में था। सेशन कोर्ट में दयानंद खुद जज के सामने खड़े हुए। जज के सामने उन्होंने कहा- बेटे को झूठा फंसाया है। उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। उसकी पड़ोसी से सामान्य कहासुनी हुई थी। पिता ने जमानत की मांग की, तो कोर्ट ने जमानत के आदेश दे दिए।

इधर, भोपाल की अदालत में थान सिंह नामक युवक आया। उसका एक्सीडेंट चार साल पहले ईंटखेड़ी के पास हो गया था। इस घटना के बाद उसका पैर कट गया था। वो मुआवजे की आस में हर पेशी पर 30 किमी दूर से आता है। उसे भरोसा था कि आज कोई फैसला हो जाएगा, लेकिन कोर्ट में हड़ताल थी।

Story Loader