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 आखिरकार मजबूर कौन? शहर के लोग या जिम्मेदार

-मिलावटखोरों की चांदी, खाद्य विभाग बैठा है निठल्ला, प्रदूषित खाद्य सामग्री की बिक्री पर कार्रवाई करने वाले वीआईपी ड्यूटी या छुट्टी पर, शिकायत पर मजबूरी बताकर एक्शन लेने से करते से इंकार

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Krishna singh

Apr 18, 2016

spici food

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देवेंद्र शर्मा. भोपाल.
शहर में खुलेआम मिलावटी और नकली खाद्य सामग्री बिक रही है, लेकिन जांच का जिम्मा उठाने वाले वीआईपी ड्यूटी और छुट्टी में बिजी हैं। शिकायत करने पर अफसर खुद को मजबूर बताते हुए हाल-फिलहाल जांच कराने से सीधे इंकार कर देते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिकार मजबूरी तो है... लेकिन किसकी। शहर के लोगों की, या बगैर वैकल्पिक व्यवस्था वीआईपी ड्यूटी लगाने और छुट्टी बांटने वाले विभाग और अफसरों की? आलम यह है कि घटतौली या मिलावट की आशंका होने पर नापतौल तथा खाद्य-औषधि विभाग में शिकायत करने पर दोनों महकमे रिस्पॉन्स नहीं देते हैं। पत्रिका ने मामले में शिकायत का रिस्पॉन्स टाइम निकालने की कोशिश की तो हैरान करने वाली स्थिति सामने आई।


वीआईपी ड्यूटी है, कोई नहीं आएगा

पुराने शहर के टीलाजमालपुरा निवासी मोहम्मद शारिक खान ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन के लैंडलाइन नंबर 255134 और 2665385 पर कॉल कर अशोका गार्डन स्थित एक खानपान सेंटर पर छोले की टिकिया में बदबू आने की शिकायत करना चाही, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुए। उन्होंने डिप्टी कंट्रोलर फूड एंड ड्रग प्रमोद शुक्ला के मोबाइल नंबर 9425650460 पर कॉल किया। उन्होंने शिकायत सुनी और कार्रवाई का आश्वासन दिया। कुछ देर बाद शारिक को फोन आता है और कहा गया कि आज तो पूरा अमला वीआईपी ड्यूटी में है। हम जांच नहीं करा सकते हैं।


छुट्टी पर हूं, आज कुछ भी संभव नहीं

नापतौल विभाग के लैंडलाइन नंबर 2551020 पर सुभाष नगर कॉलोनी के सुनील चतुर्वेदी ने अपने क्षेत्र की एक किराना दुकान से खरीदी तीन किलोग्राम शक्कर में कम वजन की शिकायत करना चाही तो वह नंबर बंद मिला। उन्होंने नापतौल विभाग के संयुक्त नियंत्रक आरएल ब्यौहार के मोबाइल नंबर 9826879106 पर कॉल किया। कॉल रिसीव हुआ, शिकायत की, लेकिन संयुक्त नियंत्रक ब्यौहार ने दो टूक जवाब दे दिया कि वे फिलहाल छुट्टी पर हैं। अभी कुछ नहीं कर सकते।


और नाम के लिए इतनी बड़ी फौज

-नापतौल विभाग में भोपाल के लिए ही एक ज्वाइंट कंट्रोलर समेत आठ इंस्पेक्टर, तीन क्लर्क और पांच चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी नियुक्त हैं। विभाग इनके वेतन भत्तों पर ही एक माह में साढ़े चार लाख रुपए खर्च कर रहा है। एक साल में यह खर्च 53.40 लाख रुपए यानि आधा करोड़ रुपए से अधिक बैठ रहा है।

-खाद्य विभाग में नौ इंस्पेक्टर, पांच क्लर्क समेत 20 कर्मचारियों का अमला है। इनके वेतन-भत्तों पर भी हर माह विभाग साढ़े पांच लाख रुपए के हिसाब से 65 लाख रुपए से अधिक राशि खर्च करता है।


इन्होंने दर्ज कराई शिकायत, लेकिन निराश हुए

-अंकित जैन, निवासी अशोका गार्डन

-सुरेंद्र कुमार दुबे, निवासी, संगम कॉलोनी, बीएचईएल

-नवनीत दुबे, निवासी छोला

-मोहम्मद फराज खान, निवासी डीआईजी बंगला


शिकायत आई थी। उसे नोट कर लिया है, हम दिखवा लेंगे। गड़बड़ी पर कार्रवाई करेंगे। छुट्टी पर थे, इसलिए कह दिया।

-आरएल ब्यौहार, संयुक्त नियंत्रक, नापतौल


फूड इंस्पेक्टर्स अभी कम हैं। शनिवार को वीआईपी मूवमेंट काफी था और उसमें ड्यूटी लगाई गई थी। शिकायत को दिखवाएंगे।

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-प्रमोद शुक्ला, डिप्टी कंट्रोलर, फूड एंड ड्रग
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