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AIIMS में छोटी बच्चियों को फ्री में लगेंगी सर्वाइकल कैंसर से बचाव की वैक्सीन

MP में सबसे ज्यादा सर्वाइकल कैंसर के मरीज, बच्चियों को AIIMS में मुफ्त लगेगी वैक्सीन

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भोपाल

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Nisha Rani

Mar 01, 2024

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राजधानी भोपाल में स्थित एम्स सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए एक अहम कदम उठाने जा रहा है। सर्वाइकल कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए लोगों को जागरूक करने की भी कोशिश की जा रही हैं। एम्स भोपाल में सर्विकल कैंसर के बचाव की वैक्सीन लड़कियों को मुफ्त में लगाने की शुरुआत की जा रही है। कार्यपालक निदेशक डा. अजय सिंह ने बताया कि पहले आओ-पहले पाओ, अभियान के अंतर्गत 9 से 14 वर्ष तक की 131 बच्चियों को टीका मुफ्त में लगाया जाएगा।


निदेशक डा. अजय सिंह ने बताया कि एक सर्वे के मुताबिक देश में हर साल करीब 13 लाख महिलाएं सर्वाइकल कैंसर से पीड़ित होती हैं। जिनमें 80 हजार महिलाओं की मौत सर्वाइकल कैंसर के कारण होती है और सबसे ज्यादा मामले मध्य प्रदेश में पाए जाते हैं।
विश्वनाथ केयर फाउंडेशन द्वारा सर्विकल कैंसर की रोकथाम के लिए 262 टीके एम्स भोपाल को उपलब्ध कराए गए हैं। लड़कियों को यह टीका मुफ्त लगाया जाएगा और 9 से 14 साल की लड़कियों में 6 महीने के अंतराल पर वैक्सीन की दो डोज लेने के बाद सर्वाइकल कैंसर का खतरा लगभग पूरी तरह खत्म हो जाता है।


एम्स के निदेशक डॉ. अजय सिंह ने बताया कि 30 साल की उम्र के बाद हर तीन साल में सर्वाइकल कैंसर की जांच के लिए पैपस्मीयर टेस्ट कराना चाहिए। एम्स भोपाल के अलावा, सभी मेडिकल कॉलेज व जिला अस्पतालों में यह टेस्ट आसानी से हो जाता है। हर तीन साल में यह जांच जरूरी है। जिन्हें टीका लगा है उन्हें भी जांच कराते रहना चाहिए।

क्या होता है सर्वाइकल कैंसर
भारत में महिलाओं के बीच सबसे आम कैंसर में से एक सर्वाइकल कैंसर है। यह कैंसर उस अंग के नाम से जाना जाता है, जहां वह शुरू होता है। इस कारण, जब कैंसर आपके गर्भाशय के निचले भाग में शुरू होता है, तो उसे सर्वाइकल कैंसर या गर्भाशय ग्रीवा कैंसर कहा जाता है। सर्वाइकल कैंसर गर्भाशय (यूट्रस) के सबसे नीचे के भाग का घातक ट्यूमर होता है, जो गर्भाशय के निचले भाग से शुरू होता है और उपरी वेजाइना तक जुड़ता है, जिसे गर्भाशय ग्रीवा कहते हैं। ज्यादातर सर्वाइकल कैंसर ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) के संक्रमण के कारण होता है। इस कैंसर का बचाव और इलाज दोनों संभव हैं आंकड़े बताते हैं कि 2019 में भारत में 45,000 से अधिक महिलाओं की मौत सर्वाइकल कैंसर से हुई थी।

किन महिलाओं को होता है खतरा
एचपीवी से संक्रमित व्यक्ति के साथ यौन संबंध बनाने से यह वायरस फैलता है। साथ ही, जो महिलाएं एक से अधिक पार्टनर के साथ यौन संबंध बना चुकी हैं या जो कम उम्र में यौन संबंध बना चुकी हैं, उनमें सर्वाइकल कैंसर का खतरा अधिक होता है।जो महिलाएं तीन या तीन से अधिक बच्चों को जन्म दे चुकी हैं, उनमें इस कैंसर का जोखिम अधिक होता है। ज्यादा समय तक गर्भ निरोधक गोलियों का प्रयोग करने से भी कैंसर के जोखिम को बढ़ावा मिलता है।