
एम्स भोपाल का प्राइवेट वार्ड
भोपाल. मध्यभारत में अकेला अस्पताल एम्स भोपाल है जहां अपनी तरह के खास प्राइवेट वार्ड तैयार किए गए हैं, वार्ड में तीन कमरे हैं। जिसमें गेस्ट के रुकने के लिए भी अलग से कमरा है। यहां हर कमरे में सोफा, टीवी, एसी से लेकर हर जरूरी सुविधाएं शामिल हैं। प्रबंधन के अनुसार भर्ती होने वाले मरीजों को किसी होटल के वीआइपी सुइट जैसा एहसास कराने के लिए ऐसे वार्ड तैयार किए गए हैं। जिससे मरीज जल्द रिकवर हो, बिना तनाव के मरीज अच्छे माहौल में रहे और जल्द ठीक हो जाए। इसका किराया मात्र दो हजार रूपए प्रतिदिन रखा गया है। इससे अधिक चार्ज तो शहर के कई निजी अस्पतालों के जनरल वार्ड के हैं।
28 से बढ़ा 44 की जा रही वार्डों की संख्या
अस्पताल में वर्तमान में 28 प्राइवेट वार्ड मौजूद हैं। इसके साथ ही 16 नए प्राइवेट वार्ड तैयार किए जा रहे हैं। इसके बाद निजी वार्ड की संख्या 44 हो जाएगी। इनकी शुरुआत इस माह के अंत में होनी है। कुल वार्डों के 30 फीसदी को वीआईपी के लिए रिजर्व रखा जाएगा।
वार्ड के लिए तय नियम व शर्तें
-निजी वार्ड में भर्ती होने के बाद यदि मरीज की तबीयत बिगड़ी तो उसे वहां से आईसीयू या अन्य वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाएगा।
-सामान्य मरीज को ही यहां भर्ती किया जाएगा। यदि मरीज की हालत गंभीर है तो उसे निजी वार्ड नहीं मिलेगा।
-स्टाफ को शुल्क में 50 फीसदी की छूट होगी व इनके परिजनों को 25 प्रतिशत की छूट मिलेगी।
-कंसल्टेंट की सलाह पर ही मरीज को प्राइवेट वार्ड मिलेगा।
-यह वार्ड पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर मिल रहे हैं।
-शुल्क एडवांस जमा करना होगा।
---------------
एम्स में मरीजों को बेहतर से बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने का प्रयास लगातार जारी है। यह प्राइवेट वार्ड इसी बात का परिणाम हैं। यहां मरीजों को बेहतर इलाज के साथ उनको जल्द रिकवर करने के लिए मानसिक रूप से तनाव से दूर रखने का प्रयास किया जाता है।
-डॉ. अजय सिंह, निदेशक, एम्स भोपाल
Published on:
03 Sept 2023 09:52 pm
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
