
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में लगातार पिछले कुछ सालों से संचालित हो रहे एम्स लोगों के बीच लगातार अपनी उत्तम स्वास्थ सुविधाओं को लेकर लोकप्रिय होता जा रहा है। रोजाना एम्स में इलाज के लिए सैकड़ों की भीड़ लगती है। इसके साथ ही एम्स में लगातार निर्माण कार्य़ जारी है।
वहीं एम्स में कुछ नए यूनिट चालू होने की सूचनाऐं मिलती है। अगर एम्स के सुविधा की बात करी जाए तो एम्स में प्रदेश में सर्वोत्तम स्तर पर स्वास्थ सुविधाएं देता है, लेकिन अगर शुरुआती दौर से देखें तो एम्स में इलाज करवाने की शुरुआत ही रात भर खुले में सो कर होती है। मरीजों के परिजनों को ओपीडी तक पहुंचने के लिए पहले रात भर से लाइन लगा कर करनी होती है, जिसके बाद उसे अगले दिन इलाज कराने हेतु पर्ची मिलती है तो कभी खाली हांथ भी लौटना पड़ता है।
ऐसी ही बहुत सारी बातों के लेकर पत्रिका संवाददाता पहुंच गए ड़ॉ मनीषा श्रीवास्तव के पास जो की अधीक्षक हैं एम्स भोपाल में। उस विशेष चर्चा के दौर में डॉ मनीषा ने खुल कर एम्स के बारे में बातें कही।. . .
प्रश्न- एम्स में अभी कितनी ओपीडी है, क्या सभी को पूरा इलाज मिल रहा है?
उत्तर- हमारे यहां विशेषज्ञों की कमी नहीं है, अभी भी फेकल्टी आ रही है। रोजाना 1500 से 2000 की ओपीडी आ रही है।
प्रश्न- सालों से एम्स का निर्माण कार्य चल रहा है। अस्पताल को पूरा होने में कितना ओर समय लगेगा?
उत्तर- मैं समझती हूं, निर्माण कार्य लगभग पूरा होने को है। 403 बिस्तरों का अस्पताल चल भी रहा है। इसके अलावा आईसीयू में भी व्यवस्था है, ये वर्तमान में दस चल भी रही है।
प्रश्न- यहां सुबह ओपीडी में दिखाने के लिए बड़ी संख्या में मरीज व परिजन रात में ही खुले में बिना सुविधा के पड़े रहते हैं। इससे अस्पताल की छवि पर असर नहीं पड़ता क्या?
उत्तर- देश का बड़ा अस्पताल होने के साथ ही लोगों की अपेक्षाएं भी इससे अधिक हैं। इस कारण लोग रात में ही नम्बर लगाने के लिए आ जाते हंै। उनके रुकने, ठहरने के लिए भवन बन रहा है। इसके अलावा रात में आने वालों को कोई समस्या न हो इसके भी इंतजाम अभी टेम्प्रेरी रूप से किए गए हैं।
प्रश्न- तत्काल में अभी और कौन सा यूनिट शुरू होने जा रहा है?
उत्तर- डीएसए यूनिट हमारा तैयार हो चुका है, कुछ दिन में ही इसे भी शुरू कर दिया जाएगा। इसकी तैयारी चल रही है।
प्रश्न- मरीजों की सुविधा के लिए और क्या बेहतर होने जा रहा है। क्योंकि यहां अभी से इलाज के लिए मरीजों की भीड़ देखने को मिलती है?
उत्तर- मरीजों को इलाज तो अभी भी पूरा मिल रहा है। इसकी व्यवस्था तो यहां रहती है, लेकिन मरीजों के परिजनों के रुकने-ठहरने के लिए एक भवन बन रहा है, जिसके पूरा होने में थोड़ा समय लगेगा।
प्रश्न- आपको एम्स की जिम्मेदारी संभाले कुछ ही दिन हुए हैं। मरीजों की नजर से आप इसे कितना चैंलेंज के रूप में लेती है?
उत्तर- स्वास्थ्य व्यवस्था हमेशा से ही दांतों के बीच जुबान की तरह होती है। डॉक्टर होने के साथ अधिकारी की जिम्मेदारी भी है। मरीजों और लोगों से जुड़ाव प्रोफेशनल होने के साथ व्यवहारिक भी है। बेहतर करने की कोशिश है।
Published on:
28 Apr 2018 09:00 am
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