
तबादला नीति जारी- गर्मी की छुट्टी से पहले स्कूलों में बदल जाएंगे सारे शिक्षक
भोपाल. सरकार की ओर से तबादलों पर रोक हटाने के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने अपनी तबादला नीति जारी कर दी है। हालांकि सरकार के विभिन्न विभागों के लिए तबादला नीति आना शेष है। स्कूल शिक्षा की तबादला नीति में कहा गया है कि शिक्षकों के तबादले हर साल ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि के पहले निश्चित कालखण्ड में होंगे, ताकि सत्र प्रारंभ होने पर पढ़ाई प्रभावित न हो। विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रतिवर्ष तबादला नीति जारी नहीं होगी, बल्कि जरूरत पड़ने पर अधिसूचना के माध्यम से मौजूदा नीति में जरूरी संशोधन या परिवर्तन किए जा सकेंगे।
नीति के तहत नवीन उन्नयन किए जाने वाले स्कूल या संकाय वृद्धि संबंधी स्वीकृति प्रत्येक वर्ष 31 दिसम्बर के पूर्व जारी की जाएगी। स्वीकृत नवीन पदों को स्थानांतरण प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। शिक्षक सहित सभी संवर्गों के लिए तबादला प्रक्रिया हर साल 15 मई तक पूरी कर ली जाएगी। पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन प्राप्त करने की कार्रवाई 31 मार्च तक होगी। 30 अप्रेल तक ऑनलाइन तबादला आदेश जनरेट किए जाएंगे। भारमुक्ति या कार्यभार ग्रहण करने संबंधी कार्रवाई तिथि 15 मई तक हो सकेगी। प्रशासनिक आधार पर तबादला प्राथमिकता पर किए जाएंगे। इसके बाद रिक्तियों की उलपब्धता के आधार पर स्वैच्छिक तबादले होंगे। स्वैच्छिक तबादलों के लिए शिथिलता की अवधि में पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य होगा, शेष अवधि के दौरान किसी भी मोड में स्वैच्छिक स्थानांतरण के लिए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
अन्य के लिए व्यवस्था
10 वर्ष या इससे अधिक अवधि से एक ही संस्था, विशेषकर शहरी क्षेत्रों में पदस्थ शिक्षकों को ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षक विहीन अथवा शिक्षकों की कमी वाली शालाओं में तबादला कर पदस्थ किया जाएगा।
इन्हें वरीयता दी जाएगी
स्वयं अथवा परिवार के सदस्य के गंभीर पीड़ित होने, विवाह के कारण पत्नी या पति के निवास अथवा कार्यस्थल पर तबादला, नि:शक्त श्रेणी, विधवा अथवा परित्याक्ता या विधुर, जटिल बीमारी और राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षक को।
नई नए शिक्षकों को गांव जाना होगा
नई भर्ती में नियुक्त किए जाने वाले विभिन्न संवर्गो के शिक्षकों को सामान्यत: ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित स्कूल में पदस्थ किया जाएगा। उस स्कूल में उन्हें कम से कम 3 साल की अवधि अथवा परिवीक्षा अवधि तक काम करना होगा। ऐसे शिक्षकों को पूरे सेवाकाल में कम से कम 10 वर्ष ग्रामीण क्षेत्र में कार्य करना होगा।
Published on:
10 Sept 2022 11:09 am
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