
लंगर में प्रसाद लेकर आगे बढ़ रहे भोले के भक्त, चप्पे चप्पे पर तैनात है आर्मी के जवान
भोपाल. इस बार बर्फानी बाबा के भक्तों में काफी उत्साह है। श्रद्धालुओं की गाडि़यों का लंबा काफिला, श्रद्धालुओं की गाडि़यों के साथ ही जवानों की भी गाडि़यां, पहाडि़यों पर जमी बर्फ और खुशनुमा मौसम। रास्ते में जगह-जगह भोले के भक्तों के लिए लंगर की व्यवस्था और पहलगाम और बालटाल जाने वाले रास्तों पर चहल पहल के साथ चप्पे-चप्पे पर तैनात आर्मी के जवान। यह नजारा है अमरनाथ यात्रा पहुंचने वाले रास्तों का।
पहलगाम के रास्ते जाने वाले विजय साहू और बालटाल के रास्ते जाने वाले बृजेश पाठक ने वहां की स्थिति के बारे में पत्रिका को जानकारी दी। भोपाल से 25 जून को पहले दर्शन के लिए रवाना हुआ यात्रियों का एक जत्था बुधवार देर शाम तक पहलगाम पहुंचा, जबकि बालटाल से जाने वाला एक जत्थे को श्रीनगर के समता चोक पर रोक लिया गया है। सुरक्षा की दृष्टि से यहां से शाम होने के बाद जत्थों को रोक लिया जाता है, इसलिए यहां से यह जत्था गुरुवार को रवाना किया जाएगा।
मौसम साफ रास्ते में जगह-जगह लंगर
पहलगाम के रास्ते जाने वाले विजय साहू ने बताया कि उनके साथ 21 यात्री भोपाल के है। हम तीन कार से आए हैं। सुबह 7 बजे जम्मू से रवाना हुए थे। मौसम साफ है और पहाड़ों पर बर्फ है। भोजन, नाश्ते की व्यवस्था रास्ते में जगह-जगह लगे लंगरों में है। हम उधमपुर, अनंतनाग में रुके।
रास्ते में हमने लंगर में कड़ी, चावल, रोटी, पराठे, डोसा आदि खाया। सुरक्षा की दृष्टि से जवान पूरे रास्तों में तैनात है। रास्ते में पाटनीटॉप में आधा घंटा जाम के कारण लेट हो गए थे, वहीं पहलगाम में भी लगभग एक किमी लंबा जाम लगा रहा। शाम तकरीबन साढ़े सात बजे हम पहलगाम पहुंच गए हैं। यहां रुकने की अच्छी व्यवस्था है। यहां से हम सुबह दर्शन के लिए रवाना होंगे।
इस बार चार गुना अधिक सुरक्षा व्यवस्था
बालटाल के रास्ते जाने वाले बृजेश पाठक ने बताया कि इस बार यहां की सुरक्षा व्यवस्था काफी मुस्तैद है। जगह-जगह जवान तैनात है। पिछले साल के मुकाबले चार गुना अधिक सुरक्षा व्यवस्था यहां है। हम अल सुबह ही जम्मू से रवाना हुए थे और शाम तक श्रीनगर पहुंचे।
यहां से 5 बजे के बाद सुरक्षा की दृष्टि से गाडि़यां नहीं भेजी जाती, इसलिए हम यहां रूके हुए हैं। भोपाल के हमारे साथ 60 से अधिक यात्री है, जबकि यहां तकरीबन 800 यात्री रूके हुए हैं। रूकने के लिए सरकारी व्यवस्था, खाना आदि है। कुछ तंबू दिए गए हैं और सोने के लिए रजाई गद्दों की व्यवस्था है। यहां से बालटाल तकरीबन 120 किमी दूर है। यहां से सुबह यात्रियों को छोड़ा जाएगा। वैसे ईधर मौसम साफ है, और बारिश आदि नहीं है।
चौथा जत्था हुआ रवाना
अमरनाथ यात्रा के लिए बुधवार को राजधानी से चौथा जत्था रवाना हुआ। इस जत्थे में तकरीबन 40 यात्री शामिल है। यात्रियों को यात्रा की शुभकामना देने के लिए बड़ी संख्या में परिजन रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। इस दौरान यात्रियों को फूल मालाएं पहनाकर और तिलक लगाकर यात्रा की शुभकामना दी गई। ओम शिव शक्ति सेवा मंडल के सचिव रिंकू भटेजा ने बताया कि टिकट कंफर्म नहीं होने के कारण 30 से अधिक यात्री नहीं जा पाए, तत्काल में भी टिकट उपलब्ध नहीं था। मंडल ने यात्रियों की परेशानी को देखते हुए पहले भी अतिरिक्त कोच लगाने की मांग की थी।
Published on:
28 Jun 2018 07:53 am
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