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‘इंटीग्रेटेड टाउनशिप पॉलिसी’ से जुडेंगे एमपी के 6 जिले, 2510 गांवों को होगा फायदा

MP News: भोपाल सहित अन्य जिलों में तेजी से हो रहे डेवलपमेंट के पैटर्न को समझने के बाद विकास की रूपरेखा तय होगी।

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Metropolitan Region Project

Metropolitan Region Project (Photo Source- freepik)

MP News: मेट्रोपॉलिटन रीजन प्रोजेक्ट का सबसे ज्यादा फोकस रोजगार और औद्योगीकरण को बढ़ावा देना है। इसके तहत नर्मदापुरम रोड नया आर्थिक क्षेत्र, एमपी नगर मोबाइल असेंबली इंडस्ट्री, पचमढी-रातापानी में टूरिज्म इंडस्ट्री जैसे प्लान शामिल किए जा रहे हैं। नगरीय प्रशासन विभाग ने भोपाल विकास प्राधिकरण को भोपाल सहित विदिशा, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम एवं राजगढ़ में ऐसे क्षेत्रों को चिन्हित करने का काम सौंपा जहां नए उद्योग स्थापित किए जा सकते हैं।

प्रारंभिक सर्वे में भोपाल शहर की नर्मदापुरम रोड पर नए आर्थिक क्षेत्र विकसित करने एवं एमपी नगर में मोबाइल असेंबली इंडस्ट्री बनाने और नर्मदापुरम, रायसेन के पचमढ़ी, रातापानी जैसे पर्यटक स्थलों पर आर्थिक गतिविधियां बढ़ाने के बिंदु को शामिल किया गया है। भोपाल सहित अन्य जिलों में तेजी से हो रहे डेवलपमेंट के पैटर्न को समझने के बाद विकास की रूपरेखा तय होगी।

इन क्षेत्रों पर फोकस

रहवासी विकास: सिंगल विंडो के जरिए रेसीडेंशियल अनुमतियां मिल सकेंगी। अभी चार से पांच विभाग के चक्कर काटने होते हैं।

औद्योगिक विकास: मंडीदीप, गोविंदपुरा, अचारपुरा, पीलूखेड़ी, कोकता, बंगरसिया के बाद अब नॉलेज हब, मोबाइल हब, स्टार्टअप हब बनाने की योजना है।

धार्मिक पर्यटन: सलकनपुर, कंकाली माता मंदिर, नर्मदा नदी धर्म स्थल, सिहोर गणेश मंदिर सहित अन्य प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों का सर्किट बनाया जाएगा।

वन्य पर्यटन: रातापानी, पचमढ़ी, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व, वन विहार, केरवा, कलियासोत के जंगलों तक सफारी का दायरा बढ़ाकर नए टूरिस्ट सुविधा वाले उपक्रम स्थापित होंगे।

परिवहन सुविधा: मेट्रो रेल प्रोजेक्ट को सिहोर, मंडीदीप, विदिशा से नर्मदापुरम से कनेक्ट करने, 200 ई बसों को चलाने, रेलवे की मेमू ट्रेन चलाने की प्लानिंग डेटा एनालिसिस का हिस्सा है।

शामिल होंगे 2510 गांव

भोपाल के मेट्रोपॉलिटन एरिया का दायरा 12, 098 वर्ग किलोमीटर का होगा। इसमें 6 जिलों के 2510 गांवों को शामिल किया गया है। भूमि के सबसे कम क्षेत्रफल की बात करें तो इसमें सबसे कम हिस्सा नर्मदापुरम जिले से लिया गया है, जबकि बड़ा हिस्सा यहां तक की भोपाल से अधिक सीहोर और राजगढ़ का क्षेत्र से लिया गया है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग की ओर से इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है।

भोपाल मेट्रोपॉलिटन की अधिसूचना जारी होने के साथ ही, अब प्रतिनियुक्ति पर अधिकारी और कर्मचारियों को लिया जाएगा। 6 जिलों में तहसीलवार गांवों की जारी की गई अधिसूचना में भोपाल जिले में बैरसिया तहसील के 210 गांव, हुजूर तहसील के 257 गांव और कोलार तहसील के 60 गांव शामिल किए गए हैं। इसी तरह सीहोर जिले की 8 तहसीले आष्टा, बुधनी, दोराहा, इच्छावर, जावर, श्यामपुर, रेहटी और सीहोर रहेंगी।