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एमपी में मजदूरों को मिलेगी यूनिक हेल्थ आईडी, सरकारी योजनाओं से घर आएंगी खुशियां

MP Labour Health Record: मध्यप्रदेश के लाखों मजदूरों के लिए बड़ी खुशखबरी। मोहन सरकार ने श्रम विभाग को सौंपी प्रदेश के लाखों मजदूरों के हेल्थ यूनिक आईडी बनाने जिम्मेदारी, योजनाओं का लाभ लेने में होगी आसानी
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भोपाल

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Sanjana Kumar

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Updated: 20 Apr 2026, 11:13 AM IST

MP Labours Unique Health ID

MP Labours health record Unique Health ID (photo: patrika creative)

MP Labour Health Record: मोहन सरकार अब मध्यप्रदेश के लाखों मजदूरों के हेल्थ रेकार्ड तैयार कराएगी। इसका जिम्मा शासन ने अपने श्रम विभाग को सौंप दिया है। रेकार्ड में प्रत्येक मजदूरों के स्वास्थ्य से जुड़ी रिपोर्ट होंगी। इसके लिए उन्हें आभा आइडी की तरह विभाग अलग से एक पहचान संख्या जारी करेगा। यह संख्या यूनिक होगी, जिसके जरिए इनका रेकार्ड कभी भी, कहीं भी देखा जा सकेगा।

हेल्थ रिपोर्ट्स का बनेगा ऑनलाइन बैंक

यहां तक कि भविष्य में श्रम विभाग मजदूरों के इलाज को लेकर अतिरिक्त सतर्कता संबंधी प्रयास भी करने जा रहा है, जिसमें उनके स्वास्थ्य से जुड़ी रिपोर्टों का ऑनलाइन बैंक भी बनवाया जाएगा। बता दें कि मध्यप्रदेश में असंगठित और निर्माण मजदूरों को संबल 2.0 योजना, ई-श्रम पोर्टल और विभिन्न कल्याणकारी बोर्डों के माध्यम से अनेक योजनाओं का लाभ दिया जाता है।

क्यों पड़ी मजदूर हेल्थ रेकॉर्ड की जरूरत

  • मजदूरों की असमय मौत के बाद सरकार द्वारा दिए जाने वाले हित लाभों के लिए दस्तावेजों के अभाव में परेशानी
  • हितग्राहियों को भटकना न पड़े।
  • काम के चलते मजदूर और उनके परिवार के सदस्य शहर बदलते रहते हैं। दुर्घटनाग्रस्त स्थिति में सरकार कई लाभ देती हैं, लेकिन रेकॉर्ड की कमी आड़े आती है।
  • किसी मजदूर के साथ कोई अप्रिय स्थिति न बने, इसके लिए अतिरिक्त निगरानी करवा रहे हैं। तब भी घटनाएं होती हैं। ऐसे में आसानी से उनकी मदद की जा सकेगी।

जो मजदूर पंजीकृत उन्हें मिलते हैं ये लाभ

  • मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल 2.0 योजना:पंजीकृत मजदूरों की सामान्य मौत पर परिजनों को 2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है।
  • दुर्घटना में मौत पर यह सहायता राशि 4 लाख रुपए तय की गई है। इसके अलावा अनुग्रह सहायता भी।
  • प्रसूति सहायता:महिला श्रमिकों को प्रसव के दौरान एक निश्चित सहायता राशि दी जाती है। ताकि उनके और नवजात शिशु की सेहत का ख्याल रखा जा सके।
  • शिक्षा सहायता:मजदूरों के बच्चों को श्रमोदय स्कूलों में नि:शुल्क शिक्षा, स्कूल यूनिफॉर्म के साथ ही छात्रवृत्ति का भी प्रावधान किया गया है।
  • कल्याणी सहायता योजना:मृत मजदूरों की विधवाओं को हर 6 महीने में 6,000 की वित्तीय सहायता दी जाती है।

आभा (ABHA) योजना से कनेक्शन

बता दें की आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत हर नागरिक को एक यूनिक हेल्थ आईडी दी जाती है। इसे ABHA ID कहा जाता है। इस आई के माध्यम से मेडिकल हिस्ट्री जैसे जांच रिपोर्ट, डॉक्टर की पर्ची और इलाज का रिकॉर्ड डिजिटली सुरक्षित रहता है। अब मध्य प्रदेश सरकार इसी मॉडल पर प्रदेश भर के मजदूरों के लिए अलग यूनिक हेल्थ आईडी नंबर तैयार करवा रही है।

ये है फर्क

फर्क सिर्फ इतना है कि यह रिकॉर्ड खासतौर पर श्रमिकों की जरूरत के हिसाब से तैयार करवाया जाएगा। इसमें काम के दौरान होने वाली बीमारियों, दुर्घटना और नियमित स्वास्थ्य जांच का पूरा डाटा शामिल होगा।

मजदूरों का जीवन होगा आसान

मजदूरों का जीवन आसान करने के जितने भी प्रयास हो सकते हैं, वे सभी प्रयास हमारी सरकार कर रही है। श्रम विभाग को विशेष दिशा-निर्देश दिए है कि पंजीकृत मजदूरों और उनके परिवारजनों के स्वास्थ्य संबंधी रेकॉर्ड को संधारित करने की मजबूत व्यवस्था बनाई जाए।

-प्रह्लाद पटेल, मंत्री, श्रम एवं पंचायत ग्रामीण विकास विभाग, मध्यप्रदेश

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