
Neem juice Benefits
भोपाल। नीम का इस्तेमाल कई प्रकार की आयुर्वेदिक दवाइयों में किया जाता है। यह बालों, त्वचा और शरीर के लिए काफी फायदेमंद होता है। इसकी कोमल पत्तियां कई प्रकार के गुणों से भरपूर होती हैं। लेकिन स्वाद कड़वा होने के कारण लोग इनका इस्तेमाल करना कम पसंद करते हैं। ऐसी स्थिति में नीम का जूस शरीर के लिए काफी उपयोगी हो सकता है। इसे बनान भी आसान होता है। डॉयटीशियन रश्मि श्रीवास्तव बताती है कि नीम का जूस बनाने के लिए एक कप ताजी पत्तियों को अच्छी तरह से धो लें। इन्हें थोड़ा-सा पानी डालकर मिक्सी में पीस लें। एक कॉटन का कपड़ा लें और उस पर इस पेस्ट को डालें और नीचे कोई बाउल रख लें। नीम का जूस धीरे-धीरे छनकर बाउल में चला जाएगा। जानिए नीम के जूस के फायदे...
डायबिटीज के लिए
यदि आपको डायबिटीज की समस्या है तो नीम का जूस पीना आपके लिए लाभकारी होगा। डायबिटीज की स्थिति में नीम इंसुलिन के स्तर को बनाए रखने में मदद करता है। इसके लिए रोजाना एक गिलास जूस पीएं।
बॉडी डिटॉक्सीफिकेशन
नीम के पत्तों को चबाकर और इसका जूस पीकर आप शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को दूर कर सकते हैं। यह ब्लड को साफ करने का काम करता है जिससे आपको स्किन संबंधी समस्याओं से निजात मिलती है।
रूसी की समस्या
यदि आप रूसी की समस्या से परेशान हैं और प्राकृतिक उपचार चाहती हैं, तो नीम का प्रयोग करें। एंटी फंगल गुणों से समृद्ध होने के कारण, नींबू रूसी के इलाज और स्कैल्प को स्वस्थ रखने में बहुत प्रभावी है। यह बालों से ड्राईनेस और स्कैल्प में खुजली की समस्या को दूर करता है, जो रूसी के दो आम लक्षण। इसके लिए बाल धोने से पहले नीम के जूस से सिर की मसाज करें।
पेट में कीड़े होने पर
पेट में कीड़ों की समस्या को दूर करने के लिए नीम फायदेमंद होता है। जर्नल ऑफ पैरासाइटिक डिजीज में प्रकाशित वर्ष 2015 के एक अध्ययन के अनुसार नीम की कोमल पत्तियों से तैयार किए गए पाउडर में पेट की समस्याओं को दूर करने के गुण होते हैं। नियमित रूप से एक गिलास नीम का जूस पीने से भी इस समस्या में आराम मिलता है। इसके लिए किसी विशेषज्ञ की सलाह से इसका सेवन करें। अगर आपको मुंहासे हो गए हैं तो नीम के रस का इस्तेमाल करें। यह आपके ब्लड को प्यूरिफाई करने का काम करेगा जिससे त्वचा साफ होगी।
दांतों की सेहत
इसके जीवाणुरोधी गुण मुंह में बैक्टीरिया की संख्या को कम करने के लिए प्रभावी होते हंै। यह बैक्टीरिया प्लाक या गिंगिवाइटिस का कारण बनते हैं। इसके लिए नीम के जूस में ब्रश को डुबोएं और एक से दो मिनट तक ब्रश करें। बाद में पानी से कुल्ला कर लें। अगर दो से तीन सप्ताह तक ऐसा करते हैं तो सांसों की दुर्गंध से छुटकारा मिलेगा और दांत हेल्दी बने रहेंगे।
Published on:
15 Jun 2018 05:16 pm
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