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ख़ास ख़बर: इस डॉग को रिटायरमेंट पर मिला सरकारी बंगला, सुरक्षा में हर वक्त तैनात रहेंगे दो गार्ड्स

best dogये कहानी है फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की डॉग जिमी की, जिसने दर्जनों अपराधियों को पकड़वाया है।

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sniffer dog jimmy

भोपाल। पत्रिका मध्यप्रदेश आज आपको एक ऐसे डॉग के बारे में बताने जा रहा है, जिसे किसी जमाने में मारने के लिए सुपारी दी गई थी। जी हां, ये बात सुनने में अजीब जरूर लग सकती है, लेकिन ये सच है। ये कहानी है फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की डॉग जिमी की, जिसने दर्जनों अपराधियों को पकड़वाया है। फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की ये डॉग जिमी अब रिटायर हो गई है, लेकिन इसके रिटायर होने के बाद भी इसकी सुविधाओं में कोई कमी नहीं है। जिमी को बकायदा एक सरकारी आवास अलॉट किया गया है, इतना ही नहीं जिमी के लिए एक अटेंडर भी है, जो उसकी देखभाल और खाने पीने का ध्यान रखता है।

जिमी स्टेट फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की सबसे पहली और सबसे ज्यादा मशहूर स्निफर डॉग है। जर्मन शेपर्ड ब्रीड की जिमी को तय वक्त से पहले ही रिटायर किया गया है। काफी समय से जिमी मेडिकली अनफिट थी और एक बोर्ड काउंसिल के फैसले के बाद जिमी को उसकी डयूटी से रिटायर कर दिया गया। हालांकि ऐसा पहली बार हुआ है, जबकि किसी डॉग को रिटायरमेंट के बाद इस तरह की सुविधाएं दी जा रही हैं। जिमी के लिए बकायदा एक सरकारी आवास अलॉट किया गया है, इसके अलावा जिमी की सुरक्षा और देखभाल के लिए फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के दो जवानों को भी तैनात किया गया है।

आपको बता दें कि तेज तर्रार जिमी को उसके रिटायरमेंट के बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार पचमढ़ी के पास मटकुली क्षेत्र में विशेष कैनल में भेज दिया गया है। जिमी का रिटायरमेंट 10 साल की सर्विस के बाद होना था, लेकिन मेडिकल कारणों की वजह से उसे 9 साल में ही रिटायर करना पड़ा।

16 मिनट में सुलझा दिया था तेंदुए के शिकार का केस
जिमी कितनी तेज तर्रार और होशियार है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसने एक तेंदुए के शिकार का केस सिर्फ 16 मिनट में ही सुलझा दिया था। जिमी को सेवा में आने से पहले 9 महीने तक बाघ और तेंदुओं को पहचानने की विशेष ट्रेनिंग दी गई थी। साल 2010 में ज्वाइनिंग के बाद से ही जिमी लगातार अपनी सेवाएं विभाग को दे रही थी। जिमी ने अपनी पूरी सर्विस में 37 शिकारियों और तस्करों का पता लगाने में बड़ी भूमिका निभाई है। किसी भी अपराधी का पीछा करने और पता लगाने में जिमी बहुत तेज है।

2013 में मिला था सर्टिफिकेट ऑफ मेरिट
साल 21013 में 25 तस्करी और शिकार के मामले सुलझाने के लिए जिमी को मध्यप्रदेश के राज्यपाल की ओर से सर्टिफिकेट ऑफ मेरिट से पुरुस्कृत किया गया था। जिमी के लिए विभाग ने रिटायरमेंट के समय भी अपना सम्मान जाहिर किया। जबलपुर में जिमी के लिए आयोजित विदाई समारोह में वन विभाग के कई बड़े अधिकारी मौजूद रहे।