
प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव ने ग्राम पंचायत बडनग़र में कार्य की प्रगति देखी।
भोपाल. प्रदेश में बनाए जा रहे अमृत सरोवर सिर्फ नाम के नहीं, बल्कि देखने लायक होंगे। घाट बनेंगे। सुंदर पौधे लगेंगे। यानी इन तालाबों को दर्शनीय स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इस आशय की बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निर्मित कराए जा रहे अमृत सरोवरों को दर्शनीय स्थलों के रूप में विकसित किया जाए। अमृत सरोवर के आसपास ऐसा वातावरण निर्मित किया जाए, जहां ग्रामीण घूमने जाएं और आनंद का अनुभव ले सकें। मुख्यमंत्री शनिवार को मंत्रालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर प्रदेश के हर जिले में बनाए जा रहे अमृत सरोवरों की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास उमाकांत उमराव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि जलाभिषेक अभियान में वर्षा के जल को संरक्षित करना आवश्यक है, जिससे भविष्य के लिए ज्यादा से ज्यादा वर्षा जल संग्रहित किया जा सके। यह हम सबकी जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री चौहान ने निर्देश दिए कि जिन गांवों में अमृत सरोवर बनाए जा रहे हैं, वह अ'छे बनें। उनमें किसी भी प्रकार की कमी न रहे। उनके आसपास घाट निर्माण एवं पौधरोपण का कार्य भी किया जाए। उन्होंने कहा कि तालाबों की फोटो विभाग के पोर्टल पर भी अपलोड की जाएं। तालाबों का उपयोग बेहतर ढंग से हो। उन्होंने कहा कि निर्मित सरोवरों के शुभारंभ की भी तैयारी की जाए। प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास उमाकांत उमराव ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में अमृत सरोवर निर्माण का कार्य तीव्र गति से और अच्छे ढंग से किया जा रहा है। प्रदेश में 15 जून के पहले लगभग तीन हजार तालाब पूर्ण कर लिए जाएंगे।
कार्य की प्रगति देखने गांव पहुंचे प्रमुख सचिव
अमृत सरोवर कार्य की प्रगति देखने के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव शनिवार को सीहोर जिले के ग्राम पंचायत बडनग़र पहुंचे। यहां उन्होंने अमृत सरोवर की प्रगति देखने के साथ और भौतिक अवलोकन कर किसानों से समस्याएं जानीं। इसके बाद वे समीक्षा बैठक में शामिल हुए।
Published on:
08 May 2022 01:41 am
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