
उच्च शिक्षित महिलाओं में भी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बनने की चाह
भोपाल। प्रदेश की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की मांग है कि स्कूलों की तरह आंगनवाडिय़ों में भी बच्चों के लिए यूनीफार्म की व्यवस्था की जानी चाहिए। कार्यकर्ताओं से मैदानी हकीकत जानने के लिए महिला एवं बाल विकास के अफसरों ने पहली बार लाइव फोन इन कार्यक्रम से प्रदेश भर के कार्यकर्ताओं से बात की। शुक्रवार को विभाग के प्रमुख सचिव अनुपम राजन और कमिश्नर नरेश कुमार पाल से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहा कि शहरों और कस्बों में चल रहे किंडन गार्डन और नर्सरी स्कूलों में बच्चे यूनीफार्म पहन कर जाते हैं,
ऐसे में आंगनवाड़ी में लोग अपने बच्चों को भेजने से हिचकते हैं। अगर यहां भी यूनीफार्म की व्यवस्था होगी तो बच्चों की संख्या तेजी से बढ़ेगी। कार्यकर्ताओं ने बताया कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में लोग कूपोषण होने पर भी बच्चे को केन्द्र पर नहीं लाते हैं। प्रमुख सचिव राजन ने कहा कि आप लोग उन्हें जाकर समझाएं, लगातार प्रयास करें सफलता जरुर मिलेगी। राजन ने कार्यकर्ताओं से मिले सुझावों पर अमल पर भी विचार करने की बात कही।
प्रदेश की तकरीबन दो लाख आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं से लाइव फोन इन के जरिए अफसरों ने बात की। कुछ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का सुझाव था कि दूरदर्शन पर छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं से जुड़े कार्यक्रम बनाए जाना चाहिए। गांवों में इन्हें महिलाओं को दिखाकर जागरुक किया जा सकता है। इस दौरान महिला बाल विकास विभाग ने सेल्फी विद आंगनवाड़ी कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। प्रदेश की दस आंगनवाडिय़ों को इसके लिए पुरस्कृत भी किया गया।
Published on:
30 Nov 2019 07:48 am
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