
bjp is doing education completed by corruption in UP
भोपाल : प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आठ जून को होने वाली पार्टी की कोर कमेटी की बैठक कई मायनों में अहम मानी जा रही है। इस बैठक में मुख्यमंत्री कमलनाथ, प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया शामिल होंगे।
बैठक में लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद पार्टी में मची अंतर्कलह पर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा संगठनात्मक बदलाव और चुनाव में हारे दिग्गज नेताओं की आगामी भूमिका पर भी विचार होगा। संगठन प्रभारी चंद्रप्रभाष शेखर कहते हैं कि ये बैठक बहुत महत्वपूर्ण है,इसमें चुनावी समीक्षा के साथ आगामी कार्ययोजना पर भी चर्चा की जाएगी।
कलह थामने पर विचार :
कांग्रेस के सामने इस समय हार से निराश और संगठन की कार्यप्रणाली से नाराज कार्यकर्ताओं को फिर से आत्मविश्वास से भरकर काम में लगाना बड़ी चुनौती है। बैठक में इस बारे में रणनीति तैयार की जाएगी। बड़े नेता अपने-अपने समर्थकों को नए सिरे से संगठन की गतिविधियों में लगाने की जिम्मेदारी उठाएंगे। कर्ज माफी जैसी बड़ी योजना के क्रियान्वयन के बाद भी प्रदेश में मिली हार के पीछे के कारणों को जानने के लिए चुनावी समीक्षा भी की जाएगी।
बैठक में संगठनात्मक बदलाव पर भी विचार-विमर्श होगा। कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए निगम-मंडलों में जल्द नियुक्तियों के लिए भी बात की जाएगी। बैठक में पदाधिकारियों और जिला अध्यक्षों के कामकाज ब्यौरा पेश होगा जिसमें निष्क्रिय नेताओं की संगठन से छुट्टी की जाएगी।
दिग्गजों के पुनर्वास पर चर्चा :
चुनाव में हारने वाले दिग्गज नेताओं दिग्विजय सिंह, अजय सिंह, अरुण यादव,कांतिलाल भूरिया और रामनिवास रावत की भूमिकाओं पर भी विचार किया जाएगा। ज्योतिरादित्य सिंधिया पहले से ही कांग्रेस के महासचिव हैं, इसलिए उनकी भूमिका एआईसीसी तय करेगी। संगठन युवाओं को प्रदेश की कमान सौंपने पर विचार कर रहा है इसलिए वरिष्ठ नेताओं को किसी अन्य भूमिका में रखा जाएगा। उनके राजनीतिक पुनर्वास के लिए भी योजना बनाई जाएगी।
Published on:
05 Jun 2019 07:50 am
