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बिजली की किल्लत के बीच सोलर प्लांट को मंजूरी, ये हैं शिवराज कैबिनेट फैसले

किसानों के लिए खेती में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने कुसुम 3 मंजूर

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भोपाल. मध्य प्रदेश सहित देशभर में बिजली का संकट गहरा गया है। कोयले की आपूर्ति न होने से थर्मल पॉवर प्लाटों से बिजली का उत्पादन कम हो रहा है इसी बीच आज बुधवार को हुई मंत्रीमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कैबिनेट की बैठक में हुए अहम निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि ''वैकल्पिक बिजली की व्यवस्था को लेकर ऊर्जा विभाग और नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग के मंत्रियों और प्रमुख सचिव ऊर्जा विभाग के साथ एक समिति बनाई है, जिसमें बिजली उत्पादन के साथ सौर ऊर्जा और दूसरे ऊर्जा के स्त्रोतों को लागू करने पर कार्य करेंगे"

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बैठक में प्रदेश सिंचाई का क्षेत्र बढ़ाने के लिए तीन सिंचाई परियोजनाओं को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इनमें सोनपुर मध्यम सिंचाई परियोजना, भामराजगढ़ सिंचाई परियोजना और सूरजपुरा मध्यम सिंचाई परियोजना को मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही 1250 मेगावाट के एक सोलर प्लांट के स्थापना को भी मंजूरी दी है।

कैबिनेट के फैसले
- 28 करोड़ की सिंचाई परियोजना धाम नदी पर मंजूर
- 827 वनग्राम को राजस्व ग्राम में बदलने कबिनेट की मंजूरी
- 6400 करोड़ के कोरोना काल के बकाया बिजली बिल माफ़ी को मंजूरी
- किसानों के लिए खेती में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देंने कुसुम 3 मंजूर

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कैबिनेट बैठक में महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं कि शासकीय कार्यालयों में सौर ऊर्जा का उपयोग किया जाएगा। शासकीय आवासों, मंत्रियों के बंगलों पर सौर ऊर्जा के प्रावधानों को लागू किया जाएगा। हालांकि प्रदेश की स्मार्ट सिटी और नगरीय निकायों में सोलर प्लांट लगाए गए हैं। वही मंदिरों के पुजारियों को 5 हजार रुपए मानदेय, संस्कृत शिक्षकों की भर्ती, संस्कृत विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप और सामान्य वर्ग के निर्धन परिवारों को संबल योजना का लाभ देने के ऐलान पर संपूर्ण कैबिनेट द्वारा मुख्यमंत्री को बधाई दी गई।