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भाजपा के इस कद्दावर मंत्री के खिलाफ जारी हुआ वारंट

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक का मामला, इधर मंत्री नरोत्तम पर ये हुआ फैसला...

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भाजपा के इस कद्दावर मंत्री के खिलाफ जारी हुआ वारंट

भोपाल। मध्यप्रदेश में चुनावों की तिथियां घोषित हो चुकीं है। वहीं इसके चलते आचार संहित भी लागू हो चुकी है। इसके बावजूद शिवराज सरकार पर परेशानियां कम होती नहीं दिख रहीं है।

पहले जहां मंत्री नरोत्तम मिश्रा के चुनाव लड़ने को लेकर संदेह की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। वही अब प्रदेश के एक और कद्दावर मंत्री के खिलाफ वारंट जारी होने से भाजपा के लिए परेशानियां खड़ी हो गईं है।

दरअसल शिवराज सरकार के कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन के खिलाफ सांसद-विधायकों के प्ररकणों की सुनवाई के लिए गठित विशेष अदालत ने शनिवार को गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। कोर्ट ने बिसेन को 26 अक्टूबर तक कोर्ट में उपस्थित होने का फरमान सुनाया है। कोर्ट ने 2015 के मामले में यह निर्णय सुनाया है।

जानकारी के अनुसर बिसेन के विरुद्ध 2015 जिला न्यायालय पन्ना में पंजीबद्ध अपराधिक प्रकरण स्थानांतरित होकर भोपाल आया। इस मामले में विशेष न्यायालय एमपी एमएलए के लिए गठित विशेष न्यायालय के 21वें न्यायाधीश सुरेश सिंह जिला न्यायालय भोपाल की कोर्ट ने 5000 का जमानती वारंट जारी किया है।

यह है मामला...
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के तत्कालीन अध्यक्ष संजय नागायच पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के निर्वाचित बोर्ड को भंग किया था। साथ ही बिसेन पर आरोप है कि उन्होंने जातिसूचक शब्दों का भी प्रयोग किया था। इस संबंध में जबलपुर हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट ने बैंक के बोर्ड एवं अध्यक्ष संजय नगायच को बहाल कर दिया था।

उसके बाद संजय नागायच ने बिसेन के खिलाफ मानहानि के तहत आपराधिक व सिविल प्रकरण दर्ज कराया था। जिसमें तत्कालीन सहकारिता मंत्री गौरीशंकर बिसेन को मुख्य आरोपी बनाया गया था। संजय नगायच के अधिवक्ता निशांत गोयल ने कहा कि कोर्ट ने मंत्री बिसेन के खिलाफ वारंट जारी किया है।

इधर, नरोत्तम लड़ सकेंगे चुनाव...
वहीं दूसरी ओर भाजपा के कद्दावर नेता नरोत्तम मिश्रा को लेकर चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि वे आगामी चुनाव लड़ सकेंगे। दरअसल इससे पहले उन्हें चुनाव आयोग की वेबसाइट पर चुनाव के लिए आयोग्य दिया गया था। इस संबंध में सीईओ कांताराव ने कहा कि नरोत्तम चुनाव लड़ सकते हैं।

वहीं इससे पहले चुनाव आयोग की वेबसाइट पर दिख रहे इस आदेश को लेकर नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि दिल्ली हाई कोर्ट चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ निर्णय दे चुका है।

मानननीय दिल्ली उच्च न्यायालय आयोग के मुझे चुनाव लङने के अयोग्य ठहराने के फैसले को गलत ठहरा चुके है। चुनाव आयोग ने अपने सूची में सुधार क्यों नहीं किया, यह समझ से परे है। मुझे उम्मीद है कि आयोग लिपकीय त्रुटि को जल्द दूर कर सही फैसला डालेगा।

ऐसे समझे मामला...
दरअसल मंत्री मिश्रा वर्ष 2008 में हुए विधानसभा चुनाव में दतिया विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित हुए थे। मिश्रा से पराजित हुए उम्मीदवार राजेंद्र भारती ने निर्वाचन आयोग में मिश्रा के खिलाफ शिकायत की थी और उन पर मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए पेड न्यूज के उपयोग का आरोप लगाया था।

पेड न्यूज के कुल 42 मामले सामने आए थे। आयोग ने इस मामले पर वर्ष 2017 में मिश्रा को तीन साल के लिए चुनाव लड़ने के अयोग्य घोषित किया था। इसके चलते मिश्रा राष्ट्रपति चुनाव election में एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को अपना मत नहीं दे पाए थे।

चुनाव आयोग ने शनिवार (6 अक्‍टूबर) पांच राज्‍यों छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना और मिजोरम में चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। चुनावों से जुड़ी ये घोषणा पहले शनिवार को दोपहर 12:30 बजे होनी थी, लेकिन बाद में इसे दोपहर 3 बजे कर दिया गया था। मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त ओपी रावत नेे इस पर सफाई देते हुए कहा कि कुछ जरूरी वजहों से समय में देरी हुई है।

वहीं दूसरी ओर चुनाव आयोग की वेबसाइट के आदेश क्रमांक No. 116/ECI/EEM/CEMS-I/FUN/DISQ/2018-III पर स्पष्ट आदेश लिखा होने के चलते इस बार नरोत्तम मिश्र के चुनाव लड़ने पर सवाल खड़े होने शुरू हो गए थे।