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जुनून, जज्बा और हौसला : महिला सुरक्षा का संदेश लेकर निकली ‘आशा’, साइकल से तय की 22500 कि.मी की यात्रा

महिला सुरक्षा की जागरूरता संदेश लेकर साइकिल से निकलीं आशा मालवीय। 22500 कि.मी की दूरी साइकिल से तय की। बोलीं- हिमाचल में बारिश और लैंड स्लाइड ने मेरी परीक्षा ली, लेकिन मैं डरी नहीं।

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जुनून, जज्बा और हौसला : महिला सुरक्षा का संदेश लेकर निकली 'आशा', साइकल से तय की 22500 कि.मी की यात्रा

मध्य प्रदेश से साइकिल यात्रा पर निकली साइक्लिस्ट आशा मालवीय की यात्रा का समापन मंगलवार यानी 15 अगस्त को दिल्ली में होने जा रहा है। आशा मालवीय ने भारत भ्रमण के दौरान देश के 27 राज्यों की 22 हजार 500 किमी दूरी तय की है। उनकी इस यात्रा का उद्देश्य पर्यटन स्थलों पर लोगों को महिला सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है। लोग उनके इस जज्बे को सलाम कर रहे हैं।

मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली आशा मालवीय 10 अगस्त को जयपुर से यात्रा पर निकली थीं। 15 अगस्त को नई दिल्ली में यात्रा का औपचारिक समापन किया जाएगा। इसके बाद वे 30 अगस्त को भोपाल साइकिल चलाकर ही पहुंचेंगी। आशा अब तक मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरला, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, मेघालय जैसे राज्यों का सफर कर चुकी हैं।

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27 घंटे लगातार 388 कि.मी की यात्रा

आशा मालवीय ने बताया कि, इसी तरह नॉर्थ ईस्ट के रास्तों ने मेरी खूब परीक्षा ली। यहां कभी घाटियां तो कभी ऊंची-ऊंची चढ़ाई थका देने वाली होती थी। पूरी यात्रा के दौरान सेना ने मेरी काफी मदद की। मैं सफर के दौरान रात में भी साइकिल चलाती थी। मैंने 27 घंटे तक 388 किलोमीटर की यात्रा भी की।


कई बार वापस पीछे लौटकर किसी गांव में शरण ली

आशा का कहना है कि, हिमाचल प्रदेश और नॉर्थ इस्ट में मुझे काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। हिमाचल प्रदेश में जमकर बारिश हो रही थी। इस कारण जगह-जगह लैंडस्लाइड हो रही थी। मुझे तीन से चार दिन तक रुकना पड़ा। कई बार वापस पीछे लौटकर किसी गांव में शरण लेनी पड़ी, लेकिन मेरे मन में कभी ये डर था ही नहीं कि, मैं लौट जाऊं। मैं देहरादून से शिमला जाने का लक्ष्य लेकर निकली थी, वहां पहुंचकर ही मानी।


यात्रा के लिए छह माह तक की तैयारी

आशा ने बताया कि, मुझे आंध्रप्रदेश, त्रिपुरा और असम सरकार ने नौकरी के लिए प्रस्ताव भी दिया है। इस यात्रा के लिए मैंने छह महीने पहले ही तैयारी शुरू कर दी थी। उस समय मेरे पास सामान्य साइकिल ही थी, उसी से प्रैक्टिस करती थी। लेकिन, मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने जीपीएस युक्त हाइब्रिड साइकिल रोम-2 उपलब्ध कराई। आशा ने अपनी इच्छा जताते हुए कहा कि, मैं दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू से मिलना चाहती हूं।