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बड़ी खबर: अतिथि शिक्षकों का आंदोलन खत्म,जानिये क्या है पीछे की कहानी?

मांगे नहीं माने जाने पर टंकी पर चढ़ गए थे शिक्षक पुलिस ने बहुत मुश्किल से उतारा...

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atithi shikshak

भोपाल@गिरीश उपाध्याय की रिपोर्ट...

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में पिछले कुछ दिनों से डेरा जमाए अतिथि शिक्षक अब अपने घरों को लौटने के लिए तैयार हो गए है। अपनी मांगों को लेकर कई दिनों से किए जा रहे प्रदर्शन के बाद आज यानि सोमवार को शिक्षकों ने आंदोलन atithi shikshak protest is over वापस ले लिया।

इस संबंध में अतिथि शिक्षको के स्वयंभू नेता शंभूचरण दुबे का कहना था कि अभी जो शिक्षक यहां आए थे वे चंद दिनों की तैयारी से यहां आए थे। अब वे वापस जाना चाहते हैं,इस कारण हम अभी आंदोलन वापस protest is over ले रहे हैं। और यदि जल्द ही हमारी मांगे नहीं मानी गईं तो हम पुन: आंदोलन करेंगे।

वहीं सामने आ रही जानकारी के अनुसार शिक्षकों की ओर से सरकार को 10 दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। कुछ शिक्षकों का कहना है कि यदि सरकार ने मांगे नहीं मानी तो हम 15 दिनों बाद फिर आंदोलन शुरू करेंगे।

ऐसे चली पूरी कहानी!
दरअसल आज यानि सोमवार को पिछले कई दिनों से आंदोलन करने के बावजूद जब सरकार द्वारा अतिथि शिक्षकों की मांग atithi shikshak protest नहीं मानी गई, तो शिक्षक सुसाइड पर उतर आए। इसके चलते शिक्षक तुलसी नगर की पानी की टंकी पर चढ़ गए। जहां से पुलिस ने बमुश्किल उन्हें उतारा। इसके बाद शिक्षक वापस आंबेडकर पार्क पहुंचे और आंदोलन खत्म करने की घोषणा की।

ये बातें बनी चर्चा का विषय:
वहीं आंदोलन खत्म होने की घोषणा कई शिक्षकों में भी चर्चा का विषय बनी रही। कुछ का कहना था कि ऐसे आंदोलन खत्म करना सरकार के सामने घुटने टेक देने के समान होगा। अत: यह गलत है।

ये है अंदर की बात!...
वहीं कुछ लोगों के बीच यह भी चर्चा रही कि आंदोलन खत्म atithi shikshak protest is over करने की अंदर की कहानी कुछ ओर ही है। जो पानी की टंकी पर ही लिखी गई। उनकी आपसी चर्चा के अनुसार ऐसा लगता है कि उनके नेता को पानी की टंकी से उतारने के समय पुलिस द्वारा धमकाया गया। जिसके बाद ही आंदोलन वापस लेने के लिए भी चेतावनी दी गई होगी। इसी के चलते तुरतफुरत में आंदोलन वापस ले लिया गया।

ये रहा घटनाक्रम...
अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण की मांग को लेकर सोमवार को अतिथि शिक्षको के स्वयंभू नेता शंभूचरण दुबे तुलसी नगर की पानी की टंकी पर चढ गए। जिसके चलते यहां हंगामा मच गया।

दरअसल पूर्व में उन्होंने मांगे नहीं माने जाने पर सुसाइड की धमकी दी थी। टंकी पर उनके साथ और भी कई शिक्षक मांगे पूरी न होने से नाराज होकर चढ़ गए। वहीं इस दौरान टंकी के नीचे सैकड़ों की संख्या में लोग जमा हो गए।

दुबे के टंकी चढ़ने की सूचना के साथ ही पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आ गई। जहां पहले तो नीचे खड़ी भीड़ को हटाया गया।

इसके बाद टंकी पर खड़े लोगों से नीचे उतरने के लिए कहा गया, लेकिन शिक्षक फिर भी नीचे उतरने को तैयार नहीं हुए। यह देख पुलिस भी टंकी पर चढ़ गई।

कई बार कहने के बावजूद जब शिक्षक नीचे नहीं उतरे तो पुलिस स्वयं पानी की टंकी पर चढ़ गई। इस दौरान एसपी साउथ भी टंकी पर पहुंचे और अतिथि शिक्षकों के स्वयंभू नेता शंभूचरण दुबे को पानी की टंकी से नीचे उतारा गया।

वहीं दूसरी ओर सामान्य नियम के तहत सत्र समाप्त होने के साथ ही पूरे मध्यप्रदेश में 28 फरवरी 2018 से अतिथि शिक्षकों की सेवा एक साथ समाप्त हो जाएंगी।