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संतनगर स्टेशन पर ऑटो का जाम, ट्रेन आने के समय अराजकता का माहौल

भोपाल.,संतनगर. संत हिरदाराम नगर स्टेशन के बाहर ऑटो का जाम, आम हो गया है। ट्रेन आने पर स्टेशन पर आवाजाही संभव ही नहीं हो रही है। सवारी लेने के ऑटो चालक स्टेशन के बाहर ऑटो आवाजाही के मार्ग पर खड़ा कर अंदर चले जाते हैं।

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संतनगर स्टेशन पर ऑटो का जाम, ट्रेन आने के समय अराजकता का माहौल

संतनगर स्टेशन पर ऑटो का जाम, ट्रेन आने के समय अराजकता का माहौल

स्टेशन के अंदर प्रतिबंध के बावजूद हाथ पकड़-पकड़ कर सवारियों को लाते हैं। ंयदि आप संतनगर स्टेशन पर उतर रहे हैं, या ट्रेन पकड़ रहे हैं तो इन दिनों परेशानी हो सकती है। स्टेशन की तरफ जाने वाले दो रास्तों में से एक रास्ता बंद कर दिया गया है। एक ही रास्ते से आवाजाही हो रही है। जिससे हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है। ट्रेन आने पर ऑटो अराजकता की स्थिति पैदा कर रहे हैं। सडक़ पर ऑटों खड़े करने से सीटीओ की तरफ से आने वाले वाहन का लंबा जाम लगा रहता है। फाटक रोड पर ब्रिज का निर्माण चलने से वहां से आवाजाही पूरी तरह बंद है। एक रास्ता ही आने के लिए बचा है। इसी रास्ते से सीटीओ, एयरपोर्ट, कैलाश नगर जाने वाले वाहन गुजर रहे हैं। बाहर तो रोजाना आधा दर्जन चालकों पर कार्रवाई थाना पुलिस कर रही है।
लेते हैं मनमाना किराया
ऑटो चालक सवारियों से मनचाहा किराया लेते हैं। भोपाल न आने वाली ट्रेनों की सवारियों को संतनगर स्टेशन पर उतरना पड़ता है। ऑटो चालक आने के लिए 150 से 200 रूपये तक मांगते हैं। रात के समय तो यह किराया और भी बढ़ जाता है। संतनगर में आने के लिए किराया मनमर्जी का लिया जाता है। ऑटो किराए को लेकर प्री पेड की कोई व्यवस्था कभी नहीं रही है।
छूट जाती है ट्रेन
स्टेशन रोड मार्ग पर जाम लगने से यात्रियों के जाम में फंसने के कारण ट्रेन तक छूट जाती है। यात्रियों का कहना है ऑटो से उतरने के बाद भी स्टेशन के अंदर जाना आसान नहीं होता। गेट पर ऑटो वाले खड़े रहते हैं। यदि ट्रेन आने पर ही पहुंचे तो ट्रेन छूटना तय है। पुलिस की मौजूदगी ही समस्या से निजात दिला सकती है।
बाहरी ऑटो जमा होते हैं
जिस स्थान पर ऑटो खड़े होते थे, उस जगह मल्टी पार्किंग बनाई जा रही है। जिसके चलते ऑटो चालक स्टेशन के सामने जहां भी जगह मिल रही है वहां, खड़े हो रहे हैं। ट्रेने के साथ बाहर से सवारी लेकर आने वाले ऑटो भी वापसी के लिए सवारी के लिए खड़े हो जाते हैं। जिसके चलते ऑटों की संख्या तीन गुना तक बढ़ जाती है।


-ऐसी शिकायत हमारे पास भी आती हैं। आरपीएफ और अधिकारियों को बताया जाता है। इनके विरुद्ध समय-समय पर कार्रवाई भी करते हैं। यात्री शिकायत करते हैं, की प्लेटफार्म से भी हमें पकड़ के ऑटो तक रिक्शा वाले ले जाते हैं। इस बारे में रेलवे अधिकारियों से चर्चा करूंगा।

नितेश लाल सदस्य रेलवे सलाहकार समिति