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ये कैसा नियम: आयुष्मान योजना में किडनी ट्रांसप्लांट तो मुफ्त लेकिन जांचों के लिए करने होंगे 50 हजार खर्च

हमीदिया अस्पताल के ट्रांसप्लांट सेंटर में आयुष्मान योजना के नियमों से मरीज संकट में

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भोपाल

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Sunil Mishra

Dec 24, 2019

आयुष्मान योजना में कौन-कौन होगी बीमारियां, तय होगा आज

आयुष्मान योजना में कौन-कौन होगी बीमारियां, तय होगा आज

भोपाल। गांधी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध हमीदिया अस्पताल में प्रदेश के पहले सरकारी किडनी ट्रांसप्लांट सेंटर अगले महीने शुरू हो जाएगा। इसके लिए लगभग सभी तैयारियां हो चुकी हैं। आयुष्मान योजना के तहत ट्रांसप्लांट भी मुफ्त होगा लेकिन इससे पहले जांच के लिए मरीजों को जेब से 50 हजार रुपए तक खर्च करने पड़ सकते हैं।

परेशानी का सबब बन रहा
दरअसल, आयुष्मान योजना का नियम ही परेशानी का सबब बन रहा है। आयुष्मान योजना का लाभ सिर्फ भर्ती मरीजों को ही दिया जाता है। जबकि किडनी ट्रांसप्लांट से पहले मरीजों की क्रॉस मैचिंग सहित अन्य महत्वपूर्ण जांच ओपीडी में ही कराई जाती हैं। इनका खर्च भी करीब 45 से 50 हजार रुपए होता है। इन जांचों का खर्च मरीज को खुद उठाना पड़ेगा, क्योंकि आयुष्मान योजना के पैकेज में यह जांच शामिल नहीं हैं।

एक सप्ताह कर लेकिन जांच एक माह पहले
आयुष्मान योजना में मरीज के भर्ती होने के सात दिन पहले तक ओपीडी में कराई गई सभी जांच पैकेज में शामिल होती हैं। हालांकि गांधी मेडिकल कॉलेज के नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. हिमांशु शर्मा बताते हैं कि किडनी ट्रांसप्लांट से पहले जांच प्रक्रिया लंबी होती है। ट्रांसप्लांट से पहले 40 दिन तक मरीज को विभिन्न टेस्ट कराने होते हैं। इतने दिन तक किसी भी मरीज को अस्पताल में भर्ती रखने की जरूरत नहीं है। इन टेस्ट के लिए हमने निजी लैब से अनुबंध किया है।

फिलहाल कैडेवर ट्रांसप्लाट नहीें होगा
ट्रांसप्लांट सेंटर में फि लहाल लाइव (जीवित) किडनी ट्रांसप्लांट किए जाएंगे। बाद में ब्रेन डेड मरीजों से दान में मिली किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा भी शुरू की जाएगी। केडेवर ट्रांस्प्लांट के लिए नियम अलग हैं, उनको पूरा करने के बाद ही केडेवर ट्रांसप्लांट की सुविधा मिलेगी।

4 से 5 लाख रुपए तक आएगा खर्च
आयुष्मान भारत योजना के तहत किडनी ट्रांसप्लांट का पैकेज 4.60 लाख रुपए है। आयुष्मान योजना के तहत मरीजों का इसी पैकेज पर नि:शुल्क इलाज किया जाएगा। बाकी मरीजों का खर्च इससे कुछ ज्यादा हो सकता है। दरअसल, कुछ मरीजों की जांचें ज्यादा कराना होती हैं। उन्हें दवाएं भी ज्यादा लगती हैं, इसलिए खर्च बढ़ जाता है। निजी अस्पतालों में 10 से 11 लाख रुपए किडनी ट्रांसप्लांट कराने पर लगते हैं।

दो महत्वपूर्ण टेस्ट होते हैं महंगे
ट्रांस्प्लांट से पहले डोनर और रेसिपिएंट के बीच रिलेशन को स्टेबलिश करने के लिए डीएनए मैचिंग टेस्ट कराया जाता है। इस टेस्ट में 10 से 12 घंटे का समय लगता है और सैंपल फ्लाइट से भेजे जाते हैं। वहीं दूसरा टेस्ट किडनी क्रॉस मैचिंग हैं जो ब्लड ग्रुप मैचिंग के समान होता है। इन दोनों टेस्ट की रिपोर्ट के बाद ही ट्रांसप्लांट होता है। दोनों टेस्ट में 40 से 50 हजार रुपए खर्च होते हैं।


भर्ती से सात दिन पहले तक तो सभी जांच आयुष्मान में शामिल हैं। अगर कोई संस्थान स्पेशल केस में रिक्वेस्ट करता है तो इन जांचों को भी पैकेज में शामिल कर लिया जाएगा। इसके लिए अस्पताल को हमसे संपर्क करना होगा।
जे. विजय कुमार, एमडी, आयुष्मान भारत निरायमन सोसायटी मप्र