17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भगवान पर आपत्तिजनक टिप्पणी पर धीरेंद्र शास्त्री पर FIR! माफी की मांग

फिर विवादों में बागेश्वर धाम प्रमुख पंडित शास्त्री, श्री राज राजेश्वर भगवान सहस्त्रबाहु पर टिप्पणी से हैहयवंशीय क्षत्रिय समाज नाराज, केस दर्ज कराने की चेतावनी

2 min read
Google source verification
dhirendrashastri.png

फिर विवादों में बागेश्वर धाम प्रमुख पंडित शास्त्री

भोपाल. बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र शास्त्री एक और विवाद में फंस गए हैं। हैहयवंशीय क्षत्रिय समाज ने उनपर अपने आराध्य श्री राज राजेश्वर भगवान सहस्त्रबाहु पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया है। इस पर समाज ने गहरी नाराजगी जताते हुए उनसे माफी मांगने को कहा है। ऐसा नहीं करने पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री पर एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी भी दी है। हैहयवंशीय क्षत्रिय समाज का कहना है कि पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने उनके आराध्य का अपमान किया है।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री इन दिनों सागर में भागवत कथा सुना रहे हैं। भागवत कथा कार्यक्रम में आयोजन स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा और अन्य प्रबंध नहीं होने पर प्रशासन आयोजकों से नाराज है। यहां उनका कार्यक्रम बिना उचित मंजूरी के ही शुरु कर दिया गया था। अब एक और विवाद सामने आ गया है।

हैहयवंशीय क्षत्रिय समाज ने उनके आराध्य देव भगवान सहस्त्रबाहु अर्जुन को लेकर पंडित धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी पर विरोध जताया है। अखिल भारतीय हैहयवंशीय क्षत्रिय केंद्रीय संगठन का आरोप है कि पंडित शास्त्री ने भगवान सहस्त्रबाहु को लेकर अनर्गल और आपत्तिजनक टिप्पणी की है। संगठन ने इसके लिए पंडित धीरेंद्र शास्त्री से माफी मांगने की मांग की है। ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी है।

संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामनारायण ताम्रकार का कहना है कि भगवान श्री राजराजेश्वर पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी झूठी और अपमानजनक है। इससे संपूर्ण समाज नाराज है। अनुचित टिप्पणी पर पंडित शास्त्री को तुरंत माफी मांगनी चाहिए। माफी नहीं मांगी तो उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे और एफआईआर भी दर्ज कराएंगे।

पहले भी हो चुके हैं केस
बागेश्वर धाम प्रमुख पंडित धीरेन्द्र शास्त्री लगातार विवादों में बने हुए हैं। भड़काऊ भाषण देने के आरोप में उनके खिलाफ उदयपुर में एफआईआर दर्ज हो चुकी है। इससे पहले नागपुर में भी उनपर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी। अंधश्रद्धा उन्मूलन समिति ने उनपर अंधविश्वास फैलाने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत की थी।