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बेटे की डिग्री लेने पहुंची मां, रो-रोकर भर गया पूरा आंचल, सम्मान में बजी तालियां

एनएलआइयू के दीक्षांत समारोह में अपने बेटे की डिग्री लेने पहुंची मां का पूरा आंचल रो-रोकर भीग गया, वहां मौजूद लोगों ने उन्हें ढांढस बंधाया और उनके सम्मान में खड़े होकर तालियां बजाई, शायद ये ऐसा पहला अवसर होगा, जब अपने बेटे की डिग्री लेकिन मां पहुंची क्योंकि उनका बेटा पहले ही दुनिया छोड़ गया था।

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बेटे की डिग्री लेने पहुंची मां, रो-रोकर भर गया पूरा आंचल, सम्मान में बजी तालियां

बेटे की डिग्री लेने पहुंची मां, रो-रोकर भर गया पूरा आंचल, सम्मान में बजी तालियां

भोपाल. शायद भोपाल के इतिहास में यह पहला मामला था। बेटे की डिग्री लेने मां पहुंचीं। पूरा हाल सन्नाटे में थे। माहौल भावुक। आंसुओं से भीगे आंचल में मां ने बेटे की डिग्री ली और बेटे के याद कर रो पड़ीं। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजय किशन कौल और कुलपति ने उन्हें ढांढस बंधाया और सम्मान में खड़े होकर तालियां बजाई। एनएलआइयू के 12वें दीक्षांत समारोह में बीएएलएलबी 2016 बैच के छात्र हर्षित श्रीवास्तव की मां मंजू श्रीवास्तव भी उपस्थित थीं। हर्षित की कोरोना वेब के दौरान मृत्यु हो गई थी। पढऩे में अव्वल हर्षित की मां को दीक्षांत समारोह में बुलाया गया। बेटे की डिग्री लेते समय मंंजू भावुक हो गईं। आंसुओं से आंचल भीग गया।


मदद में तत्पर
रुंधे गले से हर्षित की मां ने बताया कि मेरा बेटा हमेशा सभी की सहायता करने के लिए तत्पर रहता था। कोविड के दौरान भी उसने कई लोगों की मदद की।


पढ़ने में अव्वल
हर्षित की मां ने बताया कि खुद से उसने लॉ में कॅरियर बनाने को चुना। उसका सपना गरीबों की मदद करने का था। लॉ के बाद वह वकालत करना चाहता था।


पिता की मृत्यु
मंजू श्रीवास्तव ने बताया कि हर्षित जब 10 साल का था तभी उसके पापा की मौत हो गयी। इस वजह से वह हमेशा सीरियस रहता था। मंजू विदिशा में आंगनबाड़ी में हैं। जबकि हर्षित के पापा वकील थे।

सामाजिक इंजीनियर हैं वकील: जस्टिस कौल
नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश संजय किशन कौल ने कहा कि भारत में कानूनी न्यायशास्त्र का लंबा इतिहास रहा है। उन्होंने कहा कि वकील सामाजिक इंजीनियर हैं। उन्होंने ई-कोर्ट और कानूनी शोध का उल्लेख करते हुए कहा कि वकीलों और छात्रों को नई तकनीक के उपयोग पर जोर देना चाहिए।

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