
साजिश रचकर चल रहा था लोन निकालने का खेल, बैंक मैनेजर सहित पांच पर केस
भोपाल. बैंक ऑफ महाराष्ट्र की टीटी नगर शाखा के प्रबंधक सुरेश पांडे ने निर्मल कुमार जैन को किसान क्रेडिट कार्ड और टर्म लोन देने में जमकर धांधली की। इस मामले में ईओडब्ल्यू ने वकील, बैंक मैनेजर सहित पांच आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। दरअसल, जैन की ग्राम फतेहपुर की 11.560 एकड़ और बरखेड़ी की 4.502 हेक्टेयर जमीन पहले से ही बैंक में बंधक थी। इस पर लोन चल रहा था, लेकिन मिलीभगत करके निर्मल जैन को फिर से 3.97 करोड़ रुपए लोन दे दिया। बैंक मैनेजर और तत्कालीन अन्य जिम्मेदार अधिकारियों ने जमीन पर पूर्व से लोन चल रहा है इसे देखने की भी जहमत नहीं उठाई, जबकि इस जमीन पर इलाहाबाद बैंक टीटी नगर में पहले से ही 45 लाख रुपए लोन 2008 में स्वीकृत किया गया था। तब निर्मल जैन ने इलाहाबाद बैंक से मेसर्स निर्मल हर्बल फर्म के नाम से टर्म लोन लिया था।
बैंक ऑफ महाराष्ट्र की वकील निरंजना चौरसिया ने भी झूठी रिपोर्ट दी, जिसके आधार पर बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने दो अलग-अलग खाते खोलकर 3 करोड़ 97 लाख 76 हजार रुपए लोन जारी कर दिया। निरंजना ने रिपोर्ट दी कि यह जमीन क्लीयर है और कहीं पर बंधक नहीं है, इसलिए बैंक ऑफ महाराष्ट्र में इसे बंधक रखा जा सकता है। इस जमीन पर निर्मल को जरबेरा फूल और शिमला मिर्च की खेती करने के लिए 3.97 करोड़ लोन दे दिया। अब लोन की रकम बढ़कर 5.37 करोड़ हो गई। निर्मल चंद्र जैन, पुनीत कुमार जैन और सुमन जैन के साथ बैंक मैनेजर सहित वकील निरंजना चौरसिया ने षडय़ंत्र रचकर यह लोन की रकम निकाल ली। इसके चलते ईओडब्ल्यू ने वकील निरंजना, बैंक मैनेजर सुरेश पांडे सहित पांच के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
बेटे-पत्नी से गारंटी दिलवाई
निर्मल जैन ने षडय़ंत्र में बेटे पुनीत जैन और पत्नी सुमन जैन को भी शामिल कर लिया। पत्नी व बेटे को षडयंत्र का पता होते हुए उन्होंने इसमें सहयोग किया और बैंक में दोनों गारंटर बनें, इसलिए ईओडब्ल्यू ने इन दोनों को भी आरोपी बनाया है। इनके साथ सुरेश पांडे, तत्कालीन बैंक मैनेजर बैंक ऑफ महाराष्ट्र, निर्मल चंद्र जैन और बैंक ऑफ महाराष्ट्र की वकील निरंजना चौरसिया, शाहपुरा को आरोपी बनाया गया है।
Published on:
23 Jan 2020, 12:55 AM IST
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